Kalbhairavashtak
[00:02.27] कालभैरव अष्टकम
[00:14.28] देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं
[00:19.03] व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम
[00:31.52] नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगंबरं
[00:36.03] काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥ १॥
[00:45.52] भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं
[00:49.51] नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम ।
[00:54.01] कालकालमंबुजाक्षमक्षशूलमक्षरं
[00:58.76] काशिका पुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥२॥
[01:23.51] शूलटङ्कपाशदण्डपाणिमादिकारणं
[01:30.01] श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम ।
[01:34.52] भीमविक्रमं प्रभुं विचित्रताण्डवप्रियं
[01:39.02] काशिका पुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥३॥
[01:45.76] भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं
[01:50.27] भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम ।
[01:54.76] विनिक्वणन्मनोज्ञहेमकिङ्किणीलसत्कटिं
[01:59.27] काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥४॥
[02:22.02] धर्मसेतुपालकं त्वधर्ममार्गनाशकं
[02:26.27] कर्मपाशमोचकं सुशर्मदायकं विभुम ।
[02:30.77] स्वर्णवर्णशेषपाशशोभिताङ्गमण्डलं
[02:36.01] काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ ५॥
[02:42.51] रत्नपादुकाप्रभाभिरामपादयुग्मकं
[02:46.76] नित्यमद्वितीयमिष्टदैवतं निरञ्जनम ।
[02:51.26] मृत्युदर्पनाशनं कराळदंष्ट्रमोक्षणं
[02:55.76] काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥६॥
[03:22.76] अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसन्ततिं
[03:27.26] दृष्टिपातनष्टपापजालमुग्रशासनम ।
[03:31.26] अष्टसिद्धिदायकं कपालमालिकन्धरं
[03:36.02] काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥७॥
[03:43.26] भूतसङ्घनायकं विशालकीर्तिदायकं
[03:47.26] काशिवासलोकपुण्यपापशोधकं विभुम ।
[03:52.26] नीतिमार्गकोविदं पुरातनं जगत्पतिं
[03:56.51] काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥८॥
[04:28.02] कालभैरवाष्टकं पठन्ति ये मनोहरं
[04:29.76] ज्ञानमुक्तिसाधनं विचित्रपुण्यवर्धनम ।
[04:30.51] शोकमोहदैन्यलोभकोपतापनाशनं
[04:31.77] ते प्रयान्ति कालभैरवाङ्घ्रिसन्निधिं ध्रुवम ॥९॥
[04:32.76] इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचितं कालभैरवाष्टकं संपूर्णम ॥
