Shiv Tandav Stotram
[02:07.12] जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले
[02:10.64] गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्।
[02:16.13] डमड्डमड्डमड्डम निनाद वड्डमर्वयं
[02:19.62] चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥
[02:27.12] जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी ।
[02:30.62] विलोलवी चिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ।
[02:39.87] धगद्धगद्ध गज्ज्वलल्ललाट पट्टपावके
[02:40.87] किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥2॥
[02:42.38] धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर-
[02:42.87] स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे ।
[02:43.62] कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि
[02:44.12] कवचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥3॥
[02:49.12] जटा भुजं गपिंगल स्फुरत्फणामणिप्रभा-
[02:52.37] कदंबकुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्वधूमुखे ।
[02:58.12] मदांध सिंधु रस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे
[03:01.37] मनो विनोदद्भुतं बिंभर्तु भूतभर्तरि ॥4॥
[03:08.86] सहस्र लोचन प्रभृत्य शेषलेखशेखर-
[03:12.38] प्रसून धूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः ।
[03:18.12] भुजंगराज मालया निबद्धजाटजूटकः
[03:21.37] श्रिये चिराय जायतां चकोर बंधुशेखरः ॥5॥
[03:50.87] ललाट चत्वरज्वलद्धनंजयस्फुरिगभा-
[03:54.12] निपीतपंचसायकं निमन्निलिंपनायम् ।
[03:59.87] सुधा मयुख लेखया विराजमानशेखरं
[04:03.39] महा कपालि संपदे शिरोजयालमस्तू नः ॥6॥
[04:12.89] कराल भाल पट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल-
[04:16.12] द्धनंजया धरीकृतप्रचंडपंचसायके ।
[04:21.87] धराधरेंद्र नंदिनी कुचाग्रचित्रपत्रक-
[04:25.14] प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने मतिर्मम ॥7॥
[04:32.62] नवीन मेघ मंडली निरुद्धदुर्धरस्फुर-
[04:36.13] त्कुहु निशीथिनीतमः प्रबंधबंधुकंधरः ।
[04:41.63] निलिम्पनिर्झरि धरस्तनोतु कृत्ति सिंधुरः
[04:45.37] कलानिधानबंधुरः श्रियं जगंद्धुरंधरः ॥8॥
[05:14.37] प्रफुल्ल नील पंकज प्रपंचकालिमच्छटा-
[05:17.62] विडंबि कंठकंध रारुचि प्रबंधकंधरम्
[05:23.37] स्मरच्छिदं पुरच्छिंद भवच्छिदं मखच्छिदं
[05:26.89] गजच्छिदांधकच्छिदं तमंतकच्छिदं भजे ॥9॥
[05:36.63] अगर्वसर्वमंगला कलाकदम्बमंजरी-
[05:39.64] रसप्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम् ।
[05:45.37] स्मरांतकं पुरातकं भावंतकं मखांतकं
[05:51.64] गजांतकांधकांतकं तमंतकांतकं भजे ॥10॥
[05:56.37] जयत्वदभ्रविभ्रम भ्रमद्भुजंगमस्फुर-
[05:59.62] द्धगद्धगद्वि निर्गमत्कराल भाल हव्यवाट्-
[06:05.37] धिमिद्धिमिद्धिमि नन्मृदंगतुंगमंगल-
[06:08.62] ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्ड ताण्डवः शिवः ॥11॥
[06:42.63] दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजंग मौक्तिकमस्रजो-
[06:46.12] र्गरिष्ठरत्नलोष्टयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।
[06:51.62] तृणारविंदचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः
[06:54.87] समं प्रवर्तयन्मनः कदा सदाशिवं भजे ॥12॥
[07:02.62] कदा निलिंपनिर्झरी निकुजकोटरे वसन्
[07:08.88] विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमंजलिं वहन्।
[07:11.63] विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः
[07:15.14] शिवेति मंत्रमुच्चरन्कदा सुखी भवाम्यहम्॥13॥
[07:46.39] निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-
[07:51.12] निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः ।
[07:52.37] तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं
[07:52.87] परिश्रय परं पदं तदंगजत्विषां चयः ॥14॥
[07:53.37] प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी
[07:53.87] महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना ।
[07:54.39] विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः
[07:54.62] शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम् ॥15॥
[07:55.87] इमं हि नित्यमेव मुक्तमुक्तमोत्तम स्तवं
[07:56.87] पठन्स्मरन् ब्रुवन्नरो विशुद्धमेति संततम्।
[08:21.38] हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नांयथा गतिं
[08:26.38] विमोहनं हि देहना तु शंकरस्य चिंतनम ॥16॥
[08:49.12] पूजाऽवसानसमये दशवक्रत्रगीतं
[08:57.36] यः शम्भूपूजनमिदं पठति प्रदोषे ।
[09:00.12] तस्य स्थिरां रथगजेंद्रतुरंगयुक्तां
[09:08.13] लक्ष्मी सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥17॥
