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Arambh

Piyush Mishra
[04:58.03]·
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[00:49.38] आरम्भ है प्रचंड

[00:51.48] बोले मस्तकों के झुंड

[00:53.24] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[01:05.27] आरम्भ है प्रचंड

[01:06.98] बोले मस्तकों के झुंड

[01:08.73] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[01:12.99] आन, बान ,शान या की जान का हो दान

[01:16.74] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[01:20.75] आरम्भ है प्रचंड

[01:22.23] बोले मस्तकों के झुंड

[01:23.99] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[01:28.26] आन, बान ,शान या की जान का हो दान

[01:31.73] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[01:35.98] आरम्भ है प्रचंड

[01:55.48] मन करे सो प्राण दे

[01:56.98] जो मन करे सो प्राण ले

[01:58.98] वही तो एक सर्व शक्तिमान है

[02:02.99] मन करे सो प्राण दे

[02:04.73] जो मन करे सो प्राण ले

[02:06.74] वही तो एक सर्व शक्तिमान है

[02:10.73] ईश की पुकार है

[02:12.48] ये भागवत का सार है

[02:14.25] की युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है

[02:18.23] कौरवों की भीड़ हो

[02:19.98] या पांडवो का नीड हो

[02:22.01] जो लड़ सका है वो ही तो महान है

[02:26.50] जीत की हवस नहीं

[02:27.99] किसी पे कोई वश नहीं

[02:29.48] क्या जिंदगी है ठोकरों पे मार दो

[02:33.48] मौत अंत है नहीं तो

[02:35.48] मौत से भी क्यों डरे

[02:37.23] ये जाके आसमानो में दहाड़ दो

[02:41.25] आरम्भ है प्रचंड

[02:42.73] बोले मस्तकों के झुंड

[02:44.73] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[02:48.73] आन, बान ,शान या की जान का हो दान

[02:52.23] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[02:56.48] आरम्भ है प्रचंड

[03:15.99] हो दया का भाव या की शौर्य का चुनाव

[03:19.48] या की हार का वो घाव तुम ये सोच लो

[03:23.49] हो दया का भाव या की शौर्य का चुनाव

[03:26.98] या की हार का वो घाव तुम ये सोच लो

[03:31.23] या की पूरे भाल पर जल रहे विजय का लाल

[03:34.98] लाल ये गुलाल तुम ये सोच लो

[03:39.00] रंग केसरी हो या मृदुंग केसरी हो

[03:42.23] या की केसरी हो लाल तुम ये सोच लो

[03:52.32] जिस कवि की कल्पना में जिंदगी हो प्रेम गीत

[03:56.09] उस कवि को आज तुम नकार दो

[03:59.81] भीगती नसों में आज

[04:01.81] फूलती रगों में आज

[04:03.56] आग की लपट का तुम बघार दो

[04:07.56] आरम्भ है प्रचंड

[04:09.34] बोले मस्तकों के झुंड

[04:11.08] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[04:15.06] आन, बान ,शान या की जान का हो दान

[04:18.56] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[04:23.06] आरम्भ है प्रचंड

[04:26.81] आरम्भ है प्रचंड

[04:30.59] आरम्भ है प्रचंड