Hanuman_Chalisa_by_Shri_Ashwin_Kuma_(getmp3.pro)
[00:02.66] मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी
[00:07.93] श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि
[00:13.69] बरनऊं रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि
[00:19.45] बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन कुमार
[00:25.72] बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार
[00:30.99] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर
[00:34.00] जय कपीस तिहुं लोक उजागर
[00:36.76] रामदूत अतुलित बल धामा
[00:39.78] अंजनि पुत्र पवनसुत नामा
[00:42.53] महाबीर बिक्रम बजरंगी
[00:45.29] कुमति निवार सुमति के संगी
[00:48.30] कंचन बरन बिराज सुबेसा
[00:51.05] कानन कुंडल कुंचित केसा
[00:53.81] हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै
[00:56.57] कांधे मूंज जनेऊ साजै
[00:59.58] संकर सुवन केसरीनंदन
[01:02.59] तेज प्रताप महा जग बन्दन
[01:05.35] विद्यावान गुनी अति चातुर
[01:08.36] राम काज करिबे को आतुर
[01:11.11] प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया
[01:14.13] राम लखन सीता मन बसिया
[01:16.89] सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा
[01:19.64] बिकट रूप धरि लंक जरावा
[01:22.65] भीम रूप धरि असुर संहारे
[01:25.41] रामचंद्र के काज संवारे
[01:28.16] लाय सजीवन लखन जियाये
[01:31.18] श्रीरघुबीर हरषि उर लाये
[01:34.19] रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई
[01:36.95] तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई
[01:39.71] सहस बदन तुम्हरो जस गावैं
[01:42.46] अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं
[01:45.47] सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा
[01:48.23] नारद सारद सहित अहीसा
[01:51.01] जम कुबेर दिगपाल जहां ते
[01:53.77] कबि कोबिद कहि सके कहां ते
[01:56.53] तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा
[01:59.54] राम मिलाय राज पद दीन्हा
[02:02.29] तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना
[02:05.05] लंकेस्वर भए सब जग जाना
[02:08.06] जुग सहस्र जोजन पर भानू
[02:10.82] लील्यो ताहि मधुर फल जानू
[02:13.58] प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं
[02:16.58] जलधि लांघि गये अचरज नाहीं
[02:19.34] दुर्गम काज जगत के जेते
[02:22.11] सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते
[02:24.86] राम दुआरे तुम रखवारे
[02:27.62] होत न आज्ञा बिनु पैसारे
[02:30.38] सब सुख लहै तुम्हारी सरना
[02:33.14] तुम रक्षक काहू को डर ना
[02:36.15] आपन तेज सम्हारो आपै
[02:38.90] तीनों लोक हांक तें कांपै
[02:41.66] भूत पिसाच निकट नहिं आवै
[02:44.67] महाबीर जब नाम सुनावै
[02:47.42] नासै रोग हरै सब पीरा
[02:50.43] जपत निरंतर हनुमत बीरा
[02:53.19] संकट तें हनुमान छुड़ावै
[02:55.95] मन क्रम बचन ध्यान जो लावै
[02:58.71] सब पर राम तपस्वी राजा
[03:01.21] तिन के काज सकल तुम साजा
[03:04.22] और मनोरथ जो कोई लावै
[03:06.98] सोइ अमित जीवन फल पावै
[03:09.73] चारों जुग परताप तुम्हारा
[03:12.50] है परसिद्ध जगत उजियारा
[03:15.25] साधु संत के तुम रखवारे
[03:18.01] असुर निकंदन राम दुलारे
[03:20.77] अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता
[03:23.53] अस बर दीन जानकी माता
[03:26.29] राम रसायन तुम्हरे पासा
[03:29.05] सदा रहो रघुपति के दासा
[03:31.80] तुम्हरे भजन राम को पावै
[03:34.56] जनम-जनम के दुख बिसरावै
[03:37.32] अन्तकाल रघुबर पुर जाई
[03:40.33] जहां जन्म हरि भक्त कहाई
[03:43.08] और देवता चित्त न धरई
[03:45.58] हनुमत सेइ सर्ब सुख करई
[03:48.35] संकट कटै मिटै सब पीरा
[03:51.11] जो सुमिरै हनुमत बलबीरा
[03:53.86] जै जै जै हनुमान गोसाईं
[03:56.62] कृपा करहु गुरुदेव की नाईं
[03:59.38] जो सत बार पाठ कर कोई
[04:02.13] छूटहि बंदि महा सुख होई
[04:04.89] जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा
[04:07.65] होय सिद्धि साखी गौरीसा
[04:10.16] तुलसीदास सदा हरि चेरा
[04:13.16] कीजै नाथ हृदय मंह डेरा
[04:15.92] कीजै नाथ हृदय मंह डेरा
[04:17.18] पवन तनय संकट हरन मंगल मूरति रूप
[04:21.19] राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप
