Hanuman Chalisa
[00:00.71] मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी
[00:07.99] श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि
[00:13.76] बरनऊं रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि
[00:19.52] बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन कुमार
[00:25.29] बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार
[00:31.06] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर
[00:34.07] जय कपीस तिहुं लोक उजागर
[00:36.82] रामदूत अतुलित बल धामा
[00:39.58] अंजनि पुत्र पवनसुत नामा
[00:42.59] महाबीर बिक्रम बजरंगी
[00:45.35] कुमति निवार सुमति के संगी
[00:48.37] कंचन बरन बिराज सुबेसा
[00:51.13] कानन कुंडल कुंचित केसा
[00:54.13] हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै
[00:56.89] कांधे मूंज जनेऊ साजै
[00:59.65] संकर सुवन केसरीनंदन
[01:02.41] तेज प्रताप महा जग बन्दन
[01:05.41] विद्यावान गुनी अति चातुर
[01:08.42] राम काज करिबे को आतुर
[01:11.18] प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया
[01:14.19] राम लखन सीता मन बसिया
[01:16.95] सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा
[01:19.96] बिकट रूप धरि लंक जरावा
[01:22.71] भीम रूप धरि असुर संहारे
[01:25.47] रामचंद्र के काज संवारे
[01:28.48] लाय सजीवन लखन जियाये
[01:31.23] श्रीरघुबीर हरषि उर लाये
[01:33.99] रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई
[01:36.75] तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई
[01:39.76] सहस बदन तुम्हरो जस गावैं
[01:42.51] अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं
[01:45.27] सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा
[01:48.28] नारद सारद सहित अहीसा
[01:51.04] जम कुबेर दिगपाल जहां ते
[01:53.80] कबि कोबिद कहि सके कहां ते
[01:56.81] तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा
[01:59.31] राम मिलाय राज पद दीन्हा
[02:02.32] तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना
[02:05.59] लंकेस्वर भए सब जग जाना
[02:08.09] जुग सहस्र जोजन पर भानू
[02:10.85] लील्यो ताहि मधुर फल जानू
[02:13.61] प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं
[02:16.36] जलधि लांघि गये अचरज नाहीं
[02:19.37] दुर्गम काज जगत के जेते
[02:22.13] सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते
[02:24.65] राम दुआरे तुम रखवारे
[02:27.66] होत न आज्ञा बिनु पैसारे
[02:30.41] सब सुख लहै तुम्हारी सरना
[02:33.42] तुम रक्षक काहू को डर ना
[02:36.19] आपन तेज सम्हारो आपै
[02:38.94] तीनों लोक हांक तें कांपै
[02:41.70] भूत पिसाच निकट नहिं आवै
[02:44.46] महाबीर जब नाम सुनावै
[02:47.47] नासै रोग हरै सब पीरा
[02:50.23] जपत निरंतर हनुमत बीरा
[02:52.98] संकट तें हनुमान छुड़ावै
[02:55.74] मन क्रम बचन ध्यान जो लावै
[02:58.50] सब पर राम तपस्वी राजा
[03:01.26] तिन के काज सकल तुम साजा
[03:04.26] और मनोरथ जो कोई लावै
[03:06.77] सोइ अमित जीवन फल पावै
[03:09.53] चारों जुग परताप तुम्हारा
[03:12.28] है परसिद्ध जगत उजियारा
[03:15.04] साधु संत के तुम रखवारे
[03:18.05] असुर निकंदन राम दुलारे
[03:20.81] अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता
[03:23.57] अस बर दीन जानकी माता
[03:26.33] राम रसायन तुम्हरे पासा
[03:29.08] सदा रहो रघुपति के दासा
[03:31.84] तुम्हरे भजन राम को पावै
[03:34.60] जनम-जनम के दुख बिसरावै
[03:37.11] अन्तकाल रघुबर पुर जाई
[03:39.86] जहां जन्म हरि भक्त कहाई
[03:42.88] और देवता चित्त न धरई
[03:45.39] हनुमत सेइ सर्ब सुख करई
[03:48.15] संकट कटै मिटै सब पीरा
[03:51.15] जो सुमिरै हनुमत बलबीरा
[03:53.91] जै जै जै हनुमान गोसाईं
[03:56.67] कृपा करहु गुरुदेव की नाईं
[03:59.43] जो सत बार पाठ कर कोई
[04:01.93] छूटहि बंदि महा सुख होई
[04:04.69] जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा
[04:07.69] होय सिद्धि साखी गौरीसा
[04:10.45] तुलसीदास सदा हरि चेरा
[04:13.21] कीजै नाथ हृदय मंह डेरा
[04:15.71] पवन तनय संकट हरन मंगल मूरति रूप
[04:21.23] राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप
[04:26.74] मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी
