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Hanuman Chalisa

Ashwin Pathak
[04:33.86]·
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[00:00.71] मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी

[00:07.99] श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि

[00:13.76] बरनऊं रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि

[00:19.52] बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन कुमार

[00:25.29] बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार

[00:31.06] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर

[00:34.07] जय कपीस तिहुं लोक उजागर

[00:36.82] रामदूत अतुलित बल धामा

[00:39.58] अंजनि पुत्र पवनसुत नामा

[00:42.59] महाबीर बिक्रम बजरंगी

[00:45.35] कुमति निवार सुमति के संगी

[00:48.37] कंचन बरन बिराज सुबेसा

[00:51.13] कानन कुंडल कुंचित केसा

[00:54.13] हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै

[00:56.89] कांधे मूंज जनेऊ साजै

[00:59.65] संकर सुवन केसरीनंदन

[01:02.41] तेज प्रताप महा जग बन्दन

[01:05.41] विद्यावान गुनी अति चातुर

[01:08.42] राम काज करिबे को आतुर

[01:11.18] प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया

[01:14.19] राम लखन सीता मन बसिया

[01:16.95] सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा

[01:19.96] बिकट रूप धरि लंक जरावा

[01:22.71] भीम रूप धरि असुर संहारे

[01:25.47] रामचंद्र के काज संवारे

[01:28.48] लाय सजीवन लखन जियाये

[01:31.23] श्रीरघुबीर हरषि उर लाये

[01:33.99] रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई

[01:36.75] तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई

[01:39.76] सहस बदन तुम्हरो जस गावैं

[01:42.51] अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं

[01:45.27] सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा

[01:48.28] नारद सारद सहित अहीसा

[01:51.04] जम कुबेर दिगपाल जहां ते

[01:53.80] कबि कोबिद कहि सके कहां ते

[01:56.81] तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा

[01:59.31] राम मिलाय राज पद दीन्हा

[02:02.32] तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना

[02:05.59] लंकेस्वर भए सब जग जाना

[02:08.09] जुग सहस्र जोजन पर भानू

[02:10.85] लील्यो ताहि मधुर फल जानू

[02:13.61] प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं

[02:16.36] जलधि लांघि गये अचरज नाहीं

[02:19.37] दुर्गम काज जगत के जेते

[02:22.13] सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते

[02:24.65] राम दुआरे तुम रखवारे

[02:27.66] होत न आज्ञा बिनु पैसारे

[02:30.41] सब सुख लहै तुम्हारी सरना

[02:33.42] तुम रक्षक काहू को डर ना

[02:36.19] आपन तेज सम्हारो आपै

[02:38.94] तीनों लोक हांक तें कांपै

[02:41.70] भूत पिसाच निकट नहिं आवै

[02:44.46] महाबीर जब नाम सुनावै

[02:47.47] नासै रोग हरै सब पीरा

[02:50.23] जपत निरंतर हनुमत बीरा

[02:52.98] संकट तें हनुमान छुड़ावै

[02:55.74] मन क्रम बचन ध्यान जो लावै

[02:58.50] सब पर राम तपस्वी राजा

[03:01.26] तिन के काज सकल तुम साजा

[03:04.26] और मनोरथ जो कोई लावै

[03:06.77] सोइ अमित जीवन फल पावै

[03:09.53] चारों जुग परताप तुम्हारा

[03:12.28] है परसिद्ध जगत उजियारा

[03:15.04] साधु संत के तुम रखवारे

[03:18.05] असुर निकंदन राम दुलारे

[03:20.81] अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता

[03:23.57] अस बर दीन जानकी माता

[03:26.33] राम रसायन तुम्हरे पासा

[03:29.08] सदा रहो रघुपति के दासा

[03:31.84] तुम्हरे भजन राम को पावै

[03:34.60] जनम-जनम के दुख बिसरावै

[03:37.11] अन्तकाल रघुबर पुर जाई

[03:39.86] जहां जन्म हरि भक्त कहाई

[03:42.88] और देवता चित्त न धरई

[03:45.39] हनुमत सेइ सर्ब सुख करई

[03:48.15] संकट कटै मिटै सब पीरा

[03:51.15] जो सुमिरै हनुमत बलबीरा

[03:53.91] जै जै जै हनुमान गोसाईं

[03:56.67] कृपा करहु गुरुदेव की नाईं

[03:59.43] जो सत बार पाठ कर कोई

[04:01.93] छूटहि बंदि महा सुख होई

[04:04.69] जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा

[04:07.69] होय सिद्धि साखी गौरीसा

[04:10.45] तुलसीदास सदा हरि चेरा

[04:13.21] कीजै नाथ हृदय मंह डेरा

[04:15.71] पवन तनय संकट हरन मंगल मूरति रूप

[04:21.23] राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप

[04:26.74] मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी