Sharanagatam Samarpanam
[00:16.72] घोरेरूपे महारावे सर्वशत्रुभयंकरि।
[00:38.24] भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि त्राहि शरणागतम्॥
[00:58.96] ॐ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते।
[01:22.06] जाड्यपापहरे देवि त्राहि त्राहि शरणागतम्॥
[01:42.78] जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि।
[02:07.24] द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि त्राहि शरणागतम्॥
[02:26.89] सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम्।
[02:47.88] सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोSस्तु ते॥
[03:04.08] जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला।
[03:14.18] मूढ़तां हर मे देवि त्राहि त्राहि शरणागतम्॥
[03:40.47] वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नम:।
[04:04.12] उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि त्राहि शरणागतम्॥
[04:23.50] बुद्धिं देहि यशो देहि ऐश्वर्यम् देहि देहि मे।
[04:43.42] मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
[05:02.28] इन्द्रादिविलसदद्वन्द्ववन्दिते करुणामयि।
[05:19.02] तारे ताराधिनाथास्ये त्राहि त्राहि शरणागतम्॥
[05:38.94] इदं कालिका स्तोत्रम् यो पठेत्श्रद्धयाSन्वित:।
[05:57.80] तस्य शत्रु: क्षयं याति महाप्रज्ञा प्रजायते॥
