Shri Hari Stotram
[00:33.11] जगज्जाल पालम् कचत् कण्ठमालं शरच्चन्द्र भालं महादैत्य कालम्।
[00:43.38] नभो-नीलकायम् दुरावारमायम् सुपद्मा सहायं भजेऽहं भजेऽहं।
[00:54.88] सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्हासं जगत्सन्निवासं शतादित्यभासम्।
[01:04.38] गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीत-वस्त्रं हसच्चारु-वक्रं भजेऽहं भजेऽहं।
[01:27.38] रमाकण्ठहारं श्रुतिवातसारं जलान्तर्विहारं धराभारहारम्।
[01:37.13] चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपं धृतानेकरूपं भजेऽहं भजेऽहं।
[01:47.38] जराजन्महीनम् परानन्द पीनम् समाधान लीनं सदैवानवीनम्।
[01:58.13] जगज्जन्म हेतुं सुरानीककेतुम् त्रिलोकैकसेतुं भजेऽहं भजेऽहं।
[02:29.89] कृताम्नाय गानम् खगाधीशयानं विमुक्तेर्निदानं हरारातिमानम्।
[02:40.37] स्वभक्तानुकूलम् जगद्दृक्षमूलम् निरस्तार्तशूलम् भजेऽहं भजेऽहं।
[02:52.14] समस्तामरेशम् द्विरेफाभ केशं जगद्विम्बलेशम् हृदाकाशदेशम्।
[03:01.38] सदा दिव्यदेहं विमुक्ताखिलेहम् सुवैकुन्ठगेहं भजेऽहं भजेऽहं।
[03:23.86] सुराली-बलिष्ठं त्रिलोकीवरिष्ठं गुरूणां गरिष्ठं स्वरूपैकनिष्ठम्।
[03:34.13] सदा युद्धधीरं महावीर वीरम् महाम्भोधि तीरम् भजेऽहं भजेऽहं।
[03:44.88] रमावामभागम् तलनग्ननागम् कृताधीनयागम् गतारागरागम्।
[03:55.38] मुनीन्द्रैः सुगीतं सुरैः संपरीतं गुणौगैरतीतं भजेऽहं भजेऽहं।
[04:07.12] जय श्री लक्ष्मीनारायण
