Shri Hari Stostram
[00:27.87] जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं
[00:32.22] शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं
[00:37.26] नभोनीलकायं दुरावारमायं
[00:41.51] सुपद्मासहायम् भजेऽहं भजेऽहं ||
[00:50.81] सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासं
[00:55.06] जगत्सन्निवासं शतादित्यभासं
[00:57.98] गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीतवस्त्रं
[01:04.62] हसच्चारुवक्त्रं भजेऽहं भजेऽहं ||
[01:14.72] रमाकण्ठहारं श्रुतिव्रातसारं
[01:28.53] जलान्तर्विहारं धराभारहारं
[01:32.78] चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपं
[01:37.57] ध्रुतानेकरूपं भजेऽहं भजेऽहं ||
[01:47.65] जराजन्महीनं परानन्दपीनं
[01:51.64] समाधानलीनं सदैवानवीनं
[01:56.42] जगज्जन्महेतुं सुरानीककेतुं
[02:00.94] त्रिलोकैकसेतुं भजेऽहं भजेऽहं ||
[02:25.37] कृताम्नायगानं खगाधीशयानं
[02:43.44] विमुक्तेर्निदानं हरारातिमानं
[02:48.26] स्वभक्तानुकूलं जगद्व्रुक्षमूलं
[02:52.78] निरस्तार्तशूलं भजेऽहं भजेऽहं ||
[03:02.34] समस्तामरेशं द्विरेफाभकेशं
[03:06.88] जगद्विम्बलेशं ह्रुदाकाशदेशं
[03:11.39] सदा दिव्यदेहं विमुक्ताखिलेहं
[03:16.45] सुवैकुण्ठगेहं भजेऽहं भजेऽहं ||
[03:31.06] सुरालिबलिष्ठं त्रिलोकीवरिष्ठं
[03:39.83] गुरूणां गरिष्ठं स्वरूपैकनिष्ठं
[03:44.61] सदा युद्धधीरं महावीरवीरं
[03:49.12] महाम्भोधितीरं भजेऽहं भजेऽहं ||
[03:58.95] रमावामभागं तलानग्रनागं
[04:02.94] कृताधीनयागं गतारागरागं
[04:07.72] मुनीन्द्रैः सुगीतं सुरैः संपरीतं
[04:12.23] गुणौधैरतीतं भजेऽहं भजेऽहं ||
[04:18.08] फलश्रुति
[04:21.00] इदं यस्तु नित्यं समाधाय चित्तं
[04:25.25] पठेदष्टकं कण्ठहारम् मुरारे:
[04:28.70] स विष्णोर्विशोकं ध्रुवं याति लोकं
[04:33.76] जराजन्मशोकं पुनर्विन्दते नो||
