Lrc Player

Shiv Tandav Priyanka Singh

Priyanka Singh
[05:33.10]·Synced by Guest·
This lyric sheet isn't paired with a song yet, so lines are shown but won't sync or seek.

[00:14.36] ।। ॐ नमः शिवाय ।।

[00:35.08] जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले

[00:38.82] गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌।

[00:42.27] डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं

[00:45.73] चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥

[00:52.90] जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी ।

[00:56.38] विलोलवी चिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ।

[00:59.58] धगद्धगद्ध गज्ज्वलल्ललाट पट्टपावके

[01:03.32] किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥2॥

[01:10.49] धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर-

[01:13.98] स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे ।

[01:17.72] कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि

[01:21.20] कवचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥3॥

[01:28.37] जटा भुजं गपिंगल स्फुरत्फणामणिप्रभा-

[01:32.09] कदंबकुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्वधूमुखे ।

[01:35.54] मदांध सिंधु रस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे

[01:39.00] मनो विनोदद्भुतं बिंभर्तु भूतभर्तरि ॥4॥

[01:48.05] ।। ॐ नमः शिवाय ।।

[02:00.26] सहस्र लोचन प्रभृत्य शेषलेखशेखर-

[02:03.98] प्रसून धूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः ।

[02:07.44] भुजंगराज मालया निबद्धजाटजूटकः

[02:11.16] श्रिये चिराय जायतां चकोर बंधुशेखरः ॥5॥

[02:18.05] ललाट चत्वरज्वलद्धनंजयस्फुरिगभा-

[02:21.77] निपीतपंचसायकं निमन्निलिंपनायम्‌ ।

[02:25.23] सुधा मयुख लेखया विराजमानशेखरं

[02:28.94] महा कपालि संपदे शिरोजयालमस्तू नः ॥6॥

[02:35.86] कराल भाल पट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल-

[02:39.57] द्धनंजया धरीकृतप्रचंडपंचसायके ।

[02:43.02] धराधरेंद्र नंदिनी कुचाग्रचित्रपत्रक-

[02:46.48] प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने मतिर्मम ॥7॥

[02:53.65] नवीन मेघ मंडली निरुद्धदुर्धरस्फुर-

[02:57.37] त्कुहु निशीथिनीतमः प्रबंधबंधुकंधरः ।

[03:00.82] निलिम्पनिर्झरि धरस्तनोतु कृत्ति सिंधुरः

[03:04.54] कलानिधानबंधुरः श्रियं जगंद्धुरंधरः ॥8॥

[03:11.45] प्रफुल्ल नील पंकज प्रपंचकालिमच्छटा-

[03:14.91] विडंबि कंठकंध रारुचि प्रबंधकंधरम्‌

[03:18.37] स्मरच्छिदं पुरच्छिंद भवच्छिदं मखच्छिदं

[03:22.15] गजच्छिदांधकच्छिदं तमंतकच्छिदं भजे ॥9॥

[03:29.32] अगर्वसर्वमंगला कलाकदम्बमंजरी-

[03:32.77] रसप्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम्‌ ।

[03:36.49] स्मरांतकं पुरातकं भावंतकं मखांतकं

[03:39.95] गजांतकांधकांतकं तमंतकांतकं भजे ॥10॥

[03:47.12] जयत्वदभ्रविभ्रम भ्रमद्भुजंगमस्फुर-

[03:50.57] द्धगद्धगद्वि निर्गमत्कराल भाल हव्यवाट्-

[03:54.02] धिमिद्धिमिद्धिमि नन्मृदंगतुंगमंगल-

[03:57.48] ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्ड ताण्डवः शिवः ॥11॥

[04:04.96] दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजंग मौक्तिकमस्रजो-

[04:08.42] र्गरिष्ठरत्नलोष्टयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।

[04:11.87] तृणारविंदचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः

[04:15.60] समं प्रवर्तयन्मनः कदा सदाशिवं भजे ॥12॥

[04:22.51] कदा निलिंपनिर्झरी निकुजकोटरे वसन्‌

[04:25.97] विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमंजलिं वहन्‌।

[04:29.71] विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः

[04:33.16] शिवेति मंत्रमुच्चरन्‌कदा सुखी भवाम्यहम्‌ ॥13॥

[04:40.34] इमं हि नित्यमेव मुक्तमुक्तमोत्तम स्तवं

[04:43.79] पठन्स्मरन्‌ ब्रुवन्नरो विशुद्धमेति संततम्‌।

[04:47.25] हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नांयथा गतिं

[04:51.02] विमोहनं हि देहना तु शंकरस्य चिंतनम ॥14॥

[04:57.44] पूजाऽवसानसमये दशवक्रत्रगीतं

[05:03.82] यः शम्भूपूजनमिदं पठति प्रदोषे ।

[05:12.07] तस्य स्थिरां रथगजेंद्रतुरंगयुक्तां

[05:17.39] लक्ष्मी सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥15॥

[05:24.65] ॥ इति शिव ताण्डव स्तोत्रं संपूर्णम्‌॥