Shiva- tandav- transcreation
[00:07.13] जटाओ से है जिनके जल प्रवाह मात गंग का,गले में जिन के सज रहा है हार विष भुजंग का
[00:13.77] डमड्ड मड्ड मड्ड डमरु कह रहा शिवः शिवम्,तरल,अनल,गगन,पवन,धरा धरा शिवः शिवम्
[00:29.17] जो नंन्दनी के वंदनीय,नंन्दनी स्वरूप है,वे तीन लोक के पिता,स्वरूप एक रूप है
[00:36.61] क्रपालू ऐसे है के चित्त जप रहा शिवः शिवम्, तरल,अनल,गगन,पवन,धरा धरा शिवः शिवम्
[00:52.30] है नील कंठ सौम्य नील पंकजा समान है,मनुष्य क्या वे देवता के दंड का विधान है
[00:59.47] समक्ष उनके काल स्वयं भज रहा शिवः शिवम्,तरल,अनल,गगन,पवन,धरा धरा शिवः शिवम्
[01:11.45] सदैव सर्व मंगला,कला के शीर्ष देवता वही विनाश काल है,वही जनक जनन सदा
[01:19.16] नमन कृतज्ञ,प्राण यह जपे सदा शिवः शिवम्,तरल,अनल,गगन,पवन,धरा धरा शिवः शिवम्
[01:30.84] वे शेष है,अशेष है,प्रशेष है,विशेष है जो उनको जैसा धार ले वो उसके जैसा वेष है
[01:38.28] वे नेत्र सूर्य देवता का चंद्रमा का भाल है,विलय भी वे प्रलय भी वे,अकाल,महाकाल है
[01:46.25] उसी के नाथ हो गये,जो उनके साथ हो लिया,वही के हो गये है वे जहाँ सुना शिवः शिवम्
[01:53.95] डमड्ड मड्ड मड्ड डमरु कह रहा शिवः शिवम्,तरल,अनल,गगन,पवन,धरा धरा शिवः शिवम्
[01:57.68] तरल,अनल,गगन,पवन,धरा धरा शिवः शिवम्
[02:00.59] हर हर महादेव
