Hanuman Chalisa
[00:12.53] दोहा :
[00:13.03] ♪
[00:15.28] श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
[00:22.78] बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
[00:36.77] बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
[00:46.28] बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।
[00:58.02] चौपाई :
[01:16.52] ♪
[01:18.52] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
[01:19.02] जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
[01:21.28] ♪
[01:22.03] रामदूत अतुलित बल धामा।
[01:23.94] अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।
[01:30.44] ♪
[01:31.19] महाबीर बिक्रम बजरंगी।
[01:33.19] कुमति निवार सुमति के संगी।।
[01:45.57] ♪
[01:46.07] कंचन बरन बिराज सुबेसा।
[01:47.32] कानन कुंडल कुंचित केसा।।
[01:49.32] ♪
[01:49.82] हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
[01:51.57] कांधे मूंज जनेऊ साजै।
[01:53.82] ♪
[01:54.58] संकर सुवन केसरीनंदन।
[01:56.57] तेज प्रताप महा जग बन्दन।।
[02:16.58] विद्यावान गुनी अति चातुर।
[02:20.07] राम काज करिबे को आतुर।।
[02:26.83] ♪
[02:31.58] प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
[02:34.07] राम लखन सीता मन बसिया।।
[02:41.07] ♪
[02:41.82] सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
[02:43.32] बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
[02:45.57] भीम रूप धरि असुर संहारे।
[02:48.07] रामचंद्र के काज संवारे।।
[03:43.08] ♪
[03:43.82] लाय सजीवन लखन जियाये।
[03:45.07] श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
[03:52.32] ♪
[03:52.82] रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
[03:57.07] तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
[04:00.82] ♪
[04:03.08] सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
[04:05.82] अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
[04:15.32] ♪
[04:15.82] सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
[04:17.33] नारद सारद सहित अहीसा।।
[04:19.83] ♪
[04:21.32] जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
[04:22.33] कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
[04:57.57] ♪
[04:58.32] तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
[04:59.82] राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
[05:02.07] ♪
[05:02.82] तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
[05:08.82] लंकेस्वर भए सब जग जाना।।
[05:16.59] ♪
[05:17.32] जुग सहस्र जोजन पर भानू।
[05:23.57] लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
[05:30.58] ♪
[05:31.33] प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
[05:32.83] जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
[05:35.07] दुर्गम काज जगत के जेते।
[05:39.07] सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
[05:56.83] ♪
[05:57.57] राम दुआरे तुम रखवारे।
[06:01.84] होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
[06:05.57] ♪
[06:06.07] सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
[06:10.58] तुम रक्षक काहू को डर ना।।
[06:15.33] ♪
[06:16.07] आपन तेज सम्हारो आपै।
[06:20.07] तीनों लोक हांक तें कांपै।।
[06:29.83] ♪
[06:30.08] भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
[06:31.82] महाबीर जब नाम सुनावै।।
[06:33.82] ♪
[06:34.82] नासै रोग हरै सब पीरा।
[06:36.32] जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
[06:52.59] ♪
[06:53.32] संकट तें हनुमान छुड़ावै।
[06:55.07] मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
[07:02.83] ♪
[07:03.83] सब पर राम तपस्वी राजा।
[07:04.58] तिन के काज सकल तुम साजा।
[07:11.57] ♪
[07:12.57] और मनोरथ जो कोई लावै।
[07:20.34] सोइ अमित जीवन फल पावै।।
[07:26.83] ♪
[07:27.58] चारों जुग परताप तुम्हारा।
[07:28.32] है परसिद्ध जगत उजियारा।।
[07:30.32] असुर निकंदन राम दुलारे।।
[07:32.82] साधु-संत के तुम रखवारे।
[07:38.82] अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
[07:57.58] अस बर दीन जानकी माता।।
[08:01.08] ♪
[08:01.83] राम रसायन तुम्हरे पासा।
[08:06.32] सदा रहो रघुपति के दासा।।
[08:10.57] ♪
[08:11.07] तुम्हरे भजन राम को पावै।
[08:16.10] जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
[08:19.07] ♪
[08:25.07] अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
[08:26.82] जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।
[08:29.32] ♪
[08:29.82] और देवता चित्त न धरई।
[08:31.32] हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
[08:34.08] ♪
[08:34.83] संकट कटै मिटै सब पीरा।
[08:36.57] जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
[08:38.58] ♪
[08:39.07] जै जै जै हनुमान गोसाईं।
[08:40.82] कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
[08:43.08] ♪
[08:43.82] जो सत बार पाठ कर कोई।
[08:45.57] छूटहि बंदि महा सुख होई।।
[08:46.32] ♪
[08:46.57] जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
[08:52.58] होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
[08:54.33] ♪
[08:55.32] पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
[08:58.58] राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।
[08:59.75] दोहा :
