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Shree Hanuman Chalisa (LOFI REMIX)

Hariharan
[08:51.17]·Synced by Guest·
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[00:00.28] श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि ।

[00:11.43] बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ।।

[00:22.59] बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार ।

[00:33.75] बल बुधि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार ।।

[00:49.18] ।। चौपाई ।।

[00:50.24] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर

[00:54.52] जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ।१।

[00:59.57] राम दूत अतुलित बल धामा

[01:04.90] अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ।२।

[01:10.49] महाबीर बिक्रम बजरंगी

[01:15.82] कुमति निवार सुमति के संगी ।३।

[01:20.85] कंचन बरन बिराज सुबेसा

[01:26.46] कानन कुंडल कुँचित केसा ।४।

[01:31.78] हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजे

[01:37.10] काँधे मूँज जनेऊ साजे ।५।

[01:42.40] शंकर सुवन केसरी नंदन

[01:47.71] तेज प्रताप महा जगवंदन ।६।

[01:53.03] विद्यावान गुनी अति चातुर

[01:58.35] राम काज करिबे को आतुर ।७।

[02:03.67] प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया

[02:09.02] राम लखन सीता मनबसिया ।८।

[02:14.60] सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा

[02:19.91] विकट रूप धरि लंक जरावा ।९।

[02:25.23] भीम रूप धरि असुर सँहारे

[02:30.28] रामचंद्र के काज सवाँरे ।१०।

[02:38.53] लाय सजीवन लखन जियाए

[02:43.85] श्री रघुबीर हरषि उर लाए ।११।

[02:49.19] रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई

[02:54.27] तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई ।१२।

[02:59.86] सहस बदन तुम्हरो जस गावै

[03:05.18] अस कहि श्रीपति कंठ लगावै ।१३।

[03:10.49] सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा

[03:15.80] नारद सारद सहित अहीसा ।१४।

[03:21.14] जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते

[03:26.71] कवि कोविद कहि सके कहाँ ते ।१५।

[03:32.05] तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा

[03:37.09] राम मिलाय राज पद दीन्हा ।१६।

[03:42.66] तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना

[03:47.71] लंकेश्वर भये सब जग जाना ।१७।

[03:53.29] जुग सहस्त्र जोजन पर भानू

[03:58.34] लिल्यो ताहि मधुर फ़ल जानू ।१८।

[04:06.60] प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही

[04:11.92] जलधि लाँघि गए अचरज नाही ।१९।

[04:16.97] दुर्गम काज जगत के जेते

[04:22.28] सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ।२०।

[04:27.63] राम दुआरे तुम रखवारे

[04:32.95] होत ना आज्ञा बिनु पैसारे ।२१।

[04:38.53] सब सुख लहैं तुम्हारी सरना

[04:43.84] तुम रक्षक काहु को डरना ।२२।

[04:49.42] आपन तेज सम्हारो आपै

[04:54.19] तीनों लोक हाँक तै कापै ।२३।

[04:59.78] भूत पिशाच निकट नहि आवै

[05:04.82] महावीर जब नाम सुनावै ।२४।

[05:10.66] नासै रोग हरे सब पीरा

[05:15.71] जपत निरंतर हनुमत बीरा ।२५।

[05:21.08] संकट तै हनुमान छुडावै

[05:26.65] मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ।२६।

[05:34.36] सब पर राम तपस्वी राजा

[05:39.93] तिनके काज सकल तुम साजा ।२७।

[05:45.24] और मनोरथ जो कोई लावै

[05:50.29] सोई अमित जीवन फल पावै ।२८।

[05:55.88] चारों जुग परताप तुम्हारा

[06:00.95] है परसिद्ध जगत उजियारा ।२९।

[06:06.53] साधु संत के तुम रखवारे

[06:11.85] असुर निकंदन राम दुलारे ।३०।

[06:17.44] अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता

[06:22.76] अस बर दीन जानकी माता ।३१।

[06:27.82] राम रसायन तुम्हरे पासा

[06:33.14] सदा रहो रघुपति के दासा ।३२।

[06:38.98] तुम्हरे भजन राम को पावै

[06:44.02] जनम जनम के दुख बिसरावै ।३३।

[06:49.34] अंतकाल रघुवरपुर जाई

[06:54.40] जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ।३४।

[07:00.02] और देवता चित्त ना धरई

[07:05.09] हनुमत सेई सर्व सुख करई ।३५।

[07:10.66] संकट कटै मिटै सब पीरा

[07:15.72] जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ।३६।

[07:21.31] जै जै जै हनुमान गुसाईँ

[07:26.37] कृपा करहु गुरु देव की नाई ।३७।

[07:31.94] जो सत बार पाठ कर कोई

[07:37.26] छूटहि बंदि महा सुख होई ।३८।

[07:42.57] जो यह पढ़े हनुमान चालीसा

[07:47.93] होय सिद्ध साखी गौरीसा ।३९।

[07:53.50] तुलसीदास सदा हरि चेरा

[07:58.28] कीजै नाथ हृदय मह डेरा ।४०।

[08:11.06] ।। दोहा ।।

[08:22.31] राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ।।

[08:23.62] पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप ।