Vaishnav Jan To..www.gujaratisongslyrics.in
[00:15.65] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
[00:27.08] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
[00:38.55] पर दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे
[00:49.97] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
[01:12.82] सकळ लोक मान सहुने वंदे नींदा न करे केनी रे
[01:24.24] वाच काछ मन निश्चळ राखे धन धन जननी तेनी रे
[01:35.40] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
[01:58.50] सम दृष्टी ने तृष्णा त्यागी पर स्त्री जेने मात रे
[02:09.66] जिह्वा थकी असत्य ना बोले पर धन नव झाली हाथ रे
[02:21.35] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
[02:43.93] मोह माया व्यापे नही जेने द्रिढ़ वैराग्य जेना मन मान रे
[02:55.62] राम नाम सुन ताळी लागी सकळ तिरथ तेना तन मान रे
[03:07.57] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
[03:29.90] वण लोभी ने कपट- रहित छे काम क्रोध निवार्या रे
[03:41.05] भणे नरसैय्यो तेनुन दर्शन कर्ता कुळ एकोतेर तारया रे
[03:52.47] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
[04:04.69] पर दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे
[04:15.86] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
