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Vaishnav Jan To..www.gujaratisongslyrics.in

Unknown artist
[05:17.13]·Synced by Guest·
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[00:15.65] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे

[00:27.08] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे

[00:38.55] पर दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे

[00:49.97] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे

[01:12.82] सकळ लोक मान सहुने वंदे नींदा न करे केनी रे

[01:24.24] वाच काछ मन निश्चळ राखे धन धन जननी तेनी रे

[01:35.40] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे

[01:58.50] सम दृष्टी ने तृष्णा त्यागी पर स्त्री जेने मात रे

[02:09.66] जिह्वा थकी असत्य ना बोले पर धन नव झाली हाथ रे

[02:21.35] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे

[02:43.93] मोह माया व्यापे नही जेने द्रिढ़ वैराग्य जेना मन मान रे

[02:55.62] राम नाम सुन ताळी लागी सकळ तिरथ तेना तन मान रे

[03:07.57] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे

[03:29.90] वण लोभी ने कपट- रहित छे काम क्रोध निवार्या रे

[03:41.05] भणे नरसैय्यो तेनुन दर्शन कर्ता कुळ एकोतेर तारया रे

[03:52.47] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे

[04:04.69] पर दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे

[04:15.86] वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे