Aarambh Hai Prachand •X• Polozehni - Shrylox --(MP3_320K)
[00:00.01] Arpit Tiwari DESIRE
[00:17.93] आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड
[00:21.92] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
[00:26.96] आन बान शान या कि जान का हो दान
[00:30.94] आज इक धनुष के बाण पे उतार दो
[00:35.64] आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड
[00:39.90] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
[00:44.95] आन बान शान या कि जान का हो दान
[00:48.93] आज इक धनुष के बाण पे उतार दो
[00:54.18] मन करे सो प्राण दे, जो मन करे सो प्राण ले
[00:58.62] वही तो एक सर्वशक्तिमान है
[01:03.32] कृष्ण की पुकार है, ये भागवत का सार है
[01:07.30] कि युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है
[01:12.08] कौरवों की भीड़ हो या पांडवों का नीड़ हो
[01:16.36] जो लड़ सका है वो ही तो महान है
[01:21.41] जीत की हवस नहीं, किसी पे कोई वश नहीं
[01:25.40] क्या ज़िन्दगी है ठोकरों पे मार दो
[01:30.19] मौत अंत है नहीं, तो मौत से भी क्यों डरें
[01:34.70] ये जा के आसमान में दहाड़ दो
[01:39.18] आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड
[01:43.35] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
[01:48.08] आन बान शान या कि जान का हो दान
[01:52.08] आज इक धनुष के बाण पे उतार दो
[01:57.59] वो दया का भाव, या कि शौर्य का चुनाव
[02:01.51] या कि हार का वो घाव तुम ये सोच लो
[02:06.60] वो दया का भाव, या कि शौर्य का चुनाव
[02:10.60] या कि हार का वो घाव तुम ये सोच लो
[02:15.62] या कि पूरे भाल पे जला रहे विजय का लाल
[02:20.16] लाल ये गुलाल तुम ये सोच लो
[02:24.67] रंग केसरी हो या मृदंग केसरी हो या कि
[02:29.19] केसरी हो ताल तुम ये सोच लो
[02:33.70] जिस कवि की कल्पना में, ज़िन्दगी हो प्रेम गीत
[02:38.21] उस कवि को आज तुम नकार दो
[02:42.72] भीगती मसों में आज, फूलती रगों में आज
[02:47.43] आग की लपट का तुम बघार दो
[02:51.63] आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड
[02:55.89] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
[03:00.93] आन बान शान या कि जान का हो दान
[03:04.91] आज इक धनुष के बाण पे उतार दो
[03:09.68] आरम्भ है प्रचंड...
[03:14.20] आरम्भ है प्रचंड...
[03:18.63] आरम्भ है प्रचंड...
