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[00:11.78] करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम्,
[00:23.99] वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि,
[00:47.64] श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे हे नाथ नारायण वासुदेव,
[01:00.13] जिव्हे पिबस्वामृतमेतदेव गोविन्द दामोदर माधवेति,
[01:24.57] विक्रेतुकामा किल गोपकन्या मुरारिपादार्पितचित्तवृत्ति:,
[01:37.58] दध्यादिकं मोहवशादवोचद् गोविन्द दामोदर माधवेति,
[02:00.96] गृहे गृहे गोपवधूकदम्बा: सर्वे मिलित्वा समवाप्य योगम्,
[02:13.19] पुण्यानि नामानि पठन्ति नित्यं गोविन्द दामोदर माधवेति,
[02:37.92] सुखं शयाना निलये निजेऽपि नामानि विष्णो: प्रवदन्ति मर्त्या,
[02:53.62] ते निश्चितं तन्मयतां व्रजन्ति गोविन्द दामोदर माधवेति,
[03:14.61] जिव्हे सदैवं भज सुन्दराणि नामानि कृष्णस्य मनोहराणि,
[03:26.84] समस्त भक्तार्ति विनाशनानि गोविन्द दामोदर माधवेति,
[03:50.49] सुखावसाने इदमेव सारं दु:खावसाने इदमेव ज्ञेयम्,
[04:04.32] देहावसाने इदमेव जाप्यं गोविन्द दामोदर माधवेति,
[04:26.63] श्रीकृष्ण राधावर गोकुलेश गोपाल गोवर्धन नाथ विष्णुः,
[04:38.85] जिव्हे पिबस्वा मृतमेतदेव गोविंद दामोदर माधवेति,
[05:03.03] जिव्हे रसज्ञे मधुर प्रिया त्वं सत्यं हितं त्वां परमं वदामि,
[05:15.53] अवर्णयेथा मधुराक्षराणि गोविन्द दामोदर माधवेति,
[05:38.89] त्वामेव याचे मम देहि जिह्वे समागते दण्डधरे कृतान्ते,
[05:51.38] वक्तव्यमेवं मधुरं सुभक्त्या गोविन्द दामोदर माधवेति,
[06:15.03] श्रीनाथ विश्वेश्वर विश्व मूर्ते श्री देवकी नंदन दैत्य शत्रु ,
[06:26.73] जिव्हे पिबस्वामृतमेतेव गोविंद दामोदर माधवेति ,
[06:50.62] गोपी पते कंसरिपो मुकुंद लक्ष्मी पते केशव वासुदेव
[07:02.33] जिव्हे पिबस्वामृतमेतेव गोविंद दामोदर माधवेति ,
