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Mera Kuchh Samaan मेरा कुछ सामान

Priyanshi Durbha , Gulzar
[00:00.00]·Synced by Prem Maurya·
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[00:01.64] ♥ Hindi Songs Lyrics♥

[00:02.61] "@pcm8081lyrics"

[00:03.94] ♪♫🎸🕺संगीत💃🎸♫♪

[00:18.35] 👩→आ आ...

[00:24.05] मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है

[00:35.45] मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है

[00:46.03] हो, सावन के कुछ भीगे-भीगे दिन रखे हैं

[00:54.85] ओ, और मेरे इक ख़त में लिपटी रात पड़ी है

[01:04.17] वो रात बुझा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[01:12.45] वो रात बुझा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[01:21.26] मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है

[01:32.06] हो, सावन के कुछ भीगे-भीगे दिन रखे हैं

[01:40.68] हो, और मेरे इक ख़त में लिपटी रात पड़ी है

[01:49.81] वो रात बुझा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[01:57.62] ♪♫🎸🕺संगीत💃🎸♫♪

[02:01.34] पतझड़ है कुछ, है ना? Umm?

[02:06.45] ♪♫🎸🕺संगीत💃🎸♫♪

[02:29.49] ओ, पतझड़ में कुछ पत्तों के गिरने की आहट

[02:41.46] कानों में इक बार पहन के लौटाई थी

[02:50.42] पतझड़ की वो शाख अभी तक काँप रही है

[02:58.68] वो शाख गिरा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[03:07.21] वो शाख गिरा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[03:15.25] ♪♫🎸🕺संगीत💃🎸♫♪

[03:56.06] एक अकेली छतरी में जब आधे-आधे भीग रहे थे

[04:13.00] एक अकेली छतरी में जब आधे-आधे भीग रहे थे

[04:21.87] आधे सूखे, आधे गीले, सूखा तो मैं ले आयी थी

[04:30.31] गीला मन शायद बिस्तर के पास पड़ा हो

[04:32.68] वो भिजवा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[04:41.62] ♪♫🎸🕺संगीत💃🎸♫♪

[04:56.18] 116 चाँद की रातें, एक तुम्हारे काँधे का तिल

[05:12.36] ११६ चाँद की रातें, एक तुम्हारे काँधे का तिल

[05:22.81] गीली मेहँदी की खुशबू, झूठ-मूठ के शिकवे कुछ

[05:33.38] झूठ-मूठ के वादे भी सब याद करा दूँ

[05:41.72] सब भिजवा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[05:50.06] सब भिजवा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

[05:59.00] एक इजाज़त दे-दो, बस जब इसको दफ़नाऊँगी

[06:10.06] मैं भी वहीं सो जाऊँगी, मैं भी वहीं सो जाऊँगी

[06:29.25] ♥end♥by पrem♥