Bajrang Baan Superfast
[00:02.78] बजरंग बाण
[00:03.05] ॥ दोहा ॥
[00:03.57] निश्चय प्रेम प्रतीत ते, विनय करें सनमान ।
[00:10.48] तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥
[00:18.18] ॥ चौपाई ॥
[00:26.68] जय हनुमंत संत हितकारी ।
[00:28.81] सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥०१॥
[00:30.67] जन के काज विलम्ब न कीजै ।
[00:32.53] आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥०२॥
[00:34.70] जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा ।
[00:40.54] सुरसा बद पैठि विस्तारा ॥०३॥
[00:42.40] आगे जाई लंकिनी रोका ।
[00:44.54] मारेहु लात गई सुर लोका ॥०४॥
[00:46.68] जाय विभीषण को सुख दीन्हा ।
[00:48.55] सीता निरखि परम पद लीन्हा ॥०५॥
[00:50.95] बाग उजारी सिंधु महं बोरा ।
[00:52.55] अति आतुर यम कातर तोरा ॥०६॥
[00:54.67] अक्षय कुमार मारि संहारा ।
[00:56.80] लूम लपेट लंक को जारा ॥०७॥
[00:58.65] लाह समान लंक जरि गई ।
[01:00.51] जय जय धुनि सुर पुर महं भई ॥०८॥
[01:02.92] अब विलम्ब केहि कारण स्वामी ।
[01:04.78] कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥०९॥
[01:06.64] जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता ।
[01:08.50] आतुर होय दुख हरहु निपाता ॥१०॥
[01:10.62] जै गिरिधर जै जै सुखसागर ।
[01:16.20] सुर समूह समरथ भटनागर ॥११॥
[01:18.86] ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले।
[01:20.72] बैरिहिं मारू बज्र की कीले ॥१२॥
[01:22.84] गदा बज्र लै बैरिहिं मारो ।
[01:24.71] महाराज प्रभु दास उबारो ॥१३॥
[01:26.57] ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो ।
[01:35.34] बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ॥१४॥
[01:38.79] ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा ।
[01:42.78] ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥१५॥
[01:47.04] सत्य होहु हरि शपथ पाय के ।
[01:48.64] रामदूत धरु मारु धाय के ॥१६॥
[01:50.76] जय जय जय हनुमंत अगाधा ।
[01:52.62] दु:ख पावत जन केहि अपराधा ॥१७॥
[01:54.75] पूजा जप तप नेम अचारा।
[02:00.59] नहिं जानत कछु दास तुम्हारा ॥१८॥
[02:02.72] वन उपवन, मग गिरि गृह माहीं ।
[02:04.57] तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥१९॥
[02:06.70] पांय परों कर जोरि मनावौं ।
[02:08.83] यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥२०॥
[02:11.22] जय अंजनि कुमार बलवन्ता ।
[02:12.82] शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥२१॥
[02:14.93] बदन कराल काल कुल घालक ।
[02:17.06] राम सहाय सदा प्रति पालक ॥२२॥
[02:18.92] भूत प्रेत पिशाच निशाचर ।
[02:20.78] अग्नि बेताल काल मारी मर ॥२३॥
[02:22.90] इन्हें मारु तोहिं शपथ राम की ।
[02:24.76] राखु नाथ मरजाद नाम की ॥२४॥
[02:26.63] जनकसुता हरि दास कहावौ ।
[02:28.75] ताकी शपथ विलम्ब न लावो ॥२५॥
[02:30.87] जय जय जय धुनि होत अकाशा ।
[02:36.45] सुमिरत होत दुसह दुःख नाशा ॥२६॥
[02:38.84] चरण शरण कर जोरि मनावौ ।
[02:40.96] यहि अवसर अब केहि गौहरावौं ॥२७॥
[02:42.82] उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई ।
[02:44.68] पांय परौं कर जोरि मनाई ॥२८॥
[02:47.07] ॐ चं चं चं चं चपल चलंता ।
[02:48.67] ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥२९॥
[02:50.80] ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल ।
[02:52.65] ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥३०॥
[02:54.78] अपने जन को तुरत उबारो ।
[02:56.90] सुमिरत होय आनन्द हमारो ॥३१॥
[02:59.30] यह बजरंग बाण जेहि मारै ।
[03:00.89] ताहि कहो फिर कौन उबारै ॥३२॥
[03:02.75] पाठ करै बजरंग बाण की ।
[03:04.87] हनुमत रक्षा करैं प्राण की ॥३३॥
[03:07.00] यह बजरंग बाण जो जापै ।
[03:12.84] तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे ॥३४॥
[03:14.70] धूप देय अरु जपै हमेशा ।
[03:16.82] ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥३५॥
[03:18.42] ॥ दोहा ॥
[03:22.68] प्रेम प्रतीतहि कपि भजै, सदा धरैं उर ध्यान ।
[03:30.92] तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्घ करैं हनुमान ॥
