सकटमचन हनमन अषटक, Sankat Mochan Hanuman Ashtak,HARIHARAN,Hindi, English Lyrics, Hanuman Chalisa
[00:00.44] ॥ हनुमानाष्टक ॥
[00:06.54] बाल समय रवि भक्षी लियो तब,
[00:10.53] तीनहुं लोक भयो अंधियारों ।
[00:14.79] ताहि सों त्रास भयो जग को,
[00:18.51] यह संकट काहु सों जात न टारो ।
[00:23.29] देवन आनि करी बिनती तब,
[00:27.57] छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो ।
[00:32.35] को नहीं जानत है जग में कपि,
[00:38.72] संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥
[00:54.15] बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,
[00:58.40] जात महाप्रभु पंथ निहारो ।
[01:02.65] चौंकि महामुनि साप दियो तब,
[01:06.64] चाहिए कौन बिचार बिचारो ।
[01:10.88] कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
[01:15.16] सो तुम दास के सोक निवारो ॥ २ ॥
[01:36.16] अंगद के संग लेन गए सिय,
[01:40.43] खोज कपीस यह बैन उचारो ।
[01:44.67] जीवत ना बचिहौ हम सो जु,
[01:48.66] बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो ।
[01:53.17] हेरी थके तट सिन्धु सबे तब,
[01:57.17] लाए सिया-सुधि प्राण उबारो ॥ ३ ॥
[02:24.00] रावण त्रास दई सिय को सब,
[02:27.79] राक्षसी सों कही सोक निवारो ।
[02:32.03] ताहि समय हनुमान महाप्रभु,
[02:36.28] जाए महा रजनीचर मरो ।
[02:40.53] चाहत सीय असोक सों आगि सु,
[02:44.52] दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो ॥ ४ ॥
[03:05.57] बान लाग्यो उर लछिमन के तब,
[03:09.55] प्राण तजे सूत रावन मारो ।
[03:13.55] लै गृह बैद्य सुषेन समेत,
[03:17.53] तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ।
[03:21.80] आनि सजीवन हाथ दिए तब,
[03:25.51] लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥ ५ ॥
[03:53.45] रावन जुध अजान कियो तब,
[03:56.36] नाग कि फाँस सबै सिर डारो ।
[04:00.89] श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,
[04:04.62] मोह भयो यह संकट भारो I
[04:08.62] आनि खगेस तबै हनुमान जु,
[04:12.90] बंधन काटि सुत्रास निवारो ॥ ६ ॥
[04:33.67] बंधू समेत जबै अहिरावन,
[04:37.65] लै रघुनाथ पताल सिधारो ।
[04:41.63] देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि,
[04:45.90] देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो ।
[04:50.16] जाये सहाए भयो तब ही,
[04:56.28] अहिरावन सैन्य समेत संहारो ॥ ७ ॥
[05:14.63] काज किये बड़ देवन के तुम,
[05:18.61] बीर महाप्रभु देखि बिचारो ।
[05:22.86] कौन सो संकट मोर गरीब को,
[05:26.86] जो तुमसे नहिं जात है टारो ।
[05:31.13] बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,
[05:35.11] जो कछु संकट होए हमारो ॥ ८ ॥
[00:00.00] ॥ दोहा ॥
[00:00.00] लाल देह लाली लसे,
[00:00.00] अरु धरि लाल लंगूर ।
[00:00.00] वज्र देह दानव दलन,
[00:00.00] जय जय जय कपि सूर ॥
