108 nama of Shri Ram
[00:00.00] शुद्धब्रह्मपरात्पर राम्॥१॥
[00:00.47] कालात्मकपरमेश्वर राम्॥२॥
[00:01.56] शेषतल्पसुखनिद्रित राम्॥३॥
[00:21.47] ब्रह्माद्यामरप्रार्थित राम्॥४॥
[00:26.01] चण्डकिरणकुलमण्डन राम्॥५॥
[00:29.75] श्रीमद्दशरथनन्दन राम्॥६॥
[00:33.74] कौसल्यासुखवर्धन राम्॥७॥
[00:37.98] विश्वामित्रप्रियधन राम्॥८॥
[00:41.45] घोरताटकाघातक राम्॥९॥
[00:45.69] मारीचादिनिपातक राम्॥१०॥
[00:48.87] कौशिकमखसंरक्षक राम्॥११॥
[00:53.15] श्रीमदहल्योद्धारक राम्॥१२॥
[00:57.17] गौतममुनिसम्पूजित राम्॥१३॥
[01:00.92] सुरमुनिवरगणसंस्तुत राम्॥१४॥
[01:04.65] नाविकधावितमृदुपद राम्॥१५॥
[01:08.39] मिथिलापुरजनमोहक राम्॥१६॥
[01:12.65] विदेहमानसरञ्जक राम्॥१७॥
[01:16.36] त्र्यम्बककार्मुकभञ्जक राम्॥१८॥
[01:20.09] सीतार्पितवरमालिक राम्॥१९॥
[01:24.08] कृतवैवाहिककौतुक राम्॥२०॥
[01:27.53] भार्गवदर्पविनाशक राम्॥२१॥
[01:31.30] श्रीमदयोध्यापालक राम्॥२२॥
[01:35.57] राम् राम् जय राजा राम्।
[01:44.75] राम् राम् जय सीता राम्॥
[01:46.35] ॥अयोध्याकाण्डः॥
[01:51.12] अगणितगुणगणभूषित राम्॥२३॥
[01:54.31] अवनीतनयाकामित राम्॥२४॥
[01:58.30] राकाचन्द्रसमानन राम्॥२५॥
[02:02.02] पितृवाक्याश्रितकानन राम्॥२६॥
[02:06.35] प्रियगुहविनिवेदितपद राम्॥२७॥
[02:09.79] तत्क्षालितनिजमृदुपद राम्॥२८॥
[02:13.51] भरद्वाजमुखानन्दक राम्॥२९॥
[02:17.23] चित्रकूटाद्रिनिकेतन राम्॥३०॥
[02:21.22] दशरथसन्ततचिन्तित राम्॥३१॥
[02:25.20] कैकेयीतनयार्थित राम्॥३२॥
[02:28.64] विरचितनिजपितृकर्मक राम्॥३३॥
[02:32.39] भरतार्पितनिजपादुक राम्॥३४॥
[02:36.11] राम् राम् जय राजा राम्।
[02:36.45] राम् राम् जय सीता राम्॥
[02:36.98] ॥अरण्यकाण्डः॥
[02:37.51] दण्डकवनजनपावन राम्॥३५॥
[02:40.17] दुष्टविराधविनाशन राम्॥३६॥
[02:44.15] शरभङ्गसुतीक्ष्णार्चित राम्॥३७॥
[02:47.95] अगस्त्यानुग्रहवर्धित राम्॥३८॥
[02:51.42] गृध्राधिपसंसेवित राम्॥३९॥
[02:55.13] पञ्चवटीतटसुस्थित राम्॥४०॥
[02:58.88] शूर्पणखार्तिविधायक राम्॥४१॥
[03:02.60] खरदूषणमुखसूदक राम्॥४२॥
[03:06.60] सीताप्रियहरिणानुग राम्॥४३॥
[03:10.31] मारीचार्तिकृदाशुग राम्॥४४॥
[03:14.04] विनष्टसीतान्वेषक राम्॥४५॥
[03:17.50] गृध्राधिपगतिदायक राम्॥४६॥
[03:21.48] शबरीदत्तफलाशन राम्॥४७॥
[03:25.46] कबन्धबाहुच्छेदक राम्॥४८॥
[03:26.34] राम् राम् जय राजा राम्।
[03:27.13] राम् राम् जय सीता राम्॥
[03:28.48] ॥किष्किन्धाकाण्डः॥
[03:29.04] हनुमत्सेवितनिजपद राम्॥४९॥
[03:32.77] नतसुग्रीवाभीष्टद राम्॥५०॥
[03:36.76] गर्वितवालिसंहारक राम्॥५१॥
[03:40.49] वानरदूतप्रेषक राम्॥५२॥
[03:44.20] हितकरलक्ष्मणसंयुत राम्॥५३॥
[03:44.27] राम् राम् जय राजा राम्।
[03:44.80] राम् राम् जय सीता राम्॥
[03:45.33] ॥सुन्दरकाण्डः॥
[03:45.86] कपिवरसन्ततसंस्मृत राम्॥५४॥
[03:47.98] तद्गतिविघ्नध्वंसक राम्॥५५॥
[03:56.85] सीताप्राणाधारक राम्॥५६॥
[03:59.27] दुष्टदशाननदूषित राम्॥५७॥
[04:02.73] शिष्टहनूमद्भूषित राम्॥५८॥
[04:06.45] सीतावेदितकाकावन राम्॥५९॥
[04:09.89] कृतचूडामणिदर्शन राम्॥६०॥
[04:13.88] कपिवरवचनाश्वासित राम्॥६१॥
[04:17.61] राम् राम् जय राजा राम्।
[04:18.40] राम् राम् जय सीता राम्॥
[04:18.94] ॥युद्धकाण्डः॥
[04:19.47] रावणनिधनप्रस्थित राम्॥६२॥
[04:21.36] वानरसैन्यसमावृत राम्॥६३॥
[04:24.82] शोषितसरिदीशार्थित राम्॥६४॥
[04:29.12] विभीषणाभयदायक राम्॥६५॥
[04:33.36] पर्वतसेतुनिबन्धक राम्॥६६॥
[04:36.83] कुम्भकर्णशिरच्छेदक राम्॥६७॥
[04:40.29] राक्षससङ्घविमर्दक राम्॥६८॥
[04:43.73] अहिमहिरावणचारण राम्॥६९॥
[04:46.66] संहृतदशमुखरावण राम्॥७०॥
[04:50.92] विधिभवमुखसुरसंस्तुत राम्॥७१॥
[04:54.67] खस्थितदशरथवीक्षित राम्॥७२॥
[04:58.37] सीतादर्शनमोदित राम्॥७३॥
[05:01.83] अभिषिक्तविभीषणनत राम्॥७४॥
[05:05.81] पुष्पकयानारोहण राम्॥७५॥
[05:09.88] भरद्वाजादिनिषेवण राम्॥७६॥
[05:13.62] भरतप्राणप्रियकर राम्॥७७॥
[05:17.62] साकेतपुरीभूषण राम्॥७८॥
[05:20.84] सकलस्वीयसमानत राम्॥७९॥
[05:23.49] रत्नलसत्पीठास्थित राम्॥८०॥
[05:28.36] पट्टाभिषेकालङ्कृत राम्॥८१॥
[05:32.87] पार्थिवकुलसम्मानित राम्॥८२॥
[05:36.59] विभीषणार्पितरङ्गक राम्॥८३॥
[05:41.70] कीशकुलानुग्रहकर राम्॥८४॥
[05:43.61] सकलजीवसंरक्षक राम्॥८५॥
[05:46.79] समस्तलोकाधारक राम्॥८६॥
[06:03.87] राम् राम् जय राजा राम्।
[06:04.46] राम् राम् जय सीता राम्॥
[06:05.29] ॥उत्तरकाण्डः॥
[06:06.36] आगतमुनिगणसंस्तुत राम्॥८७॥
[06:09.55] विश्रुतदशकण्ठोद्भव राम्॥८८॥
[06:13.05] सीतालिङ्गननिर्वृत राम्॥८९॥
[06:16.80] नीतिसुरक्षितजनपद राम्॥९०॥
[06:21.31] विपिनत्याजितजनकज राम्॥९१॥
[06:24.50] कारितलवणासुरवध राम्॥९२॥
[06:27.94] स्वर्गतशम्बुकसंस्तुत राम्॥९३॥
[06:31.68] स्वतनयकुशलवनन्दित राम्॥९४॥
[06:35.18] अश्वमेधक्रतुदीक्षित राम्॥९५॥
[06:38.66] कालावेदितसुरपद राम्॥९६॥
[06:42.89] आयोध्यकजनमुक्तिद राम्॥९७॥
[06:46.62] विधिमुखविबुधानन्दक राम्॥९८॥
[06:50.33] तेजोमयनिजरूपक राम्॥९९॥
[06:53.82] संसृतिबन्धविमोचक राम्॥१००॥
[06:57.55] धर्मस्थापनतत्पर राम्॥१०१॥
[07:01.30] भक्तिपरायणमुक्तिद राम्॥१०२॥
[07:05.05] सर्वचराचरपालक राम्॥१०३॥
[07:08.82] सर्वभवामयवारक राम्॥१०४॥
[07:12.58] वैकुण्ठालयसंस्थित राम्॥१०५॥
[07:16.03] नित्यानन्दपदस्थित राम्॥१०६॥
[07:19.76] राम् राम् जय राजा राम्॥१०७॥
[07:20.56] राम् राम् जय सीता राम्॥१०८॥
[07:36.62] राम् राम् जय राजा राम्।
[07:38.74] राम् राम् जय सीता राम्॥
[07:49.94] ॥इति नामरामायणम् सम्पूर्णम्॥
