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Shiv Rudrastkam

Ramesh Bhai Ojhha
[08:57.05]·
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[00:03.33] ...श्री रुद्राष्टकम....

[00:10.22] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[00:18.98] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[00:27.04] Music...

[00:53.08] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[01:01.07] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[01:07.97] निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरींह।

[01:14.90] चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं।।

[01:21.31] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[01:27.96] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[01:35.14] Music......

[02:00.92] निराकारमोंकारमूलं तुरीयं।

[02:08.16] गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।।

[02:15.07] करालं महाकाल कालं कृपालं।

[02:21.79] गुणागार संसारपारं नतोऽहं।।

[02:28.95] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[02:35.86] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[02:43.85] Music......

[03:08.56] तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं।

[03:15.52] मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।।

[03:23.25] स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा।

[03:28.56] लसद्भालबालेन्दु कंठे भुजंगा।।

[03:35.72] चलत्कुंडलं भ्रू सुनेत्रं विशालं।

[03:41.87] प्रसन्नाननं नीलकंठं दयालं।।

[03:49.33] मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं।

[03:55.79] प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि।।

[04:02.44] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[04:09.34] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[04:16.25] Music......

[04:41.49] प्रचंडं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं।

[04:48.98] अखंडं अजं भानुकोटिप्रकाशं।।

[04:55.35] त्रयःशूल निर्मूलनं शूलपाणिं।

[05:01.99] भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यं।।

[05:09.44] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[05:16.36] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[05:22.74] Music......

[05:47.96] कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी।

[05:55.15] सदा सज्जनान्ददाता पुरारी।।

[06:02.30] चिदानंदसंदोह मोहापहारी।

[06:08.45] प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी।।

[06:14.82] न यावद् उमानाथ पादारविन्दं।

[06:21.23] भजंतीह लोके परे वा नराणां।।

[06:28.93] न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं।

[06:35.30] प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं।।

[06:42.48] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[06:48.87] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[06:55.54] Music......

[07:20.53] न जानामि योगं जपं नैव पूजां।

[07:27.44] नतोऽहं सदा सर्वदा शंभु तुभ्यं।।

[07:34.62] जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं।

[07:41.28] प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो।।

[07:47.90] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।

[07:55.03] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं

[08:01.70] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं

[08:08.35] विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।

[08:16.56] श्लोक-रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तं विप्रेण हरतोषये।

[08:28.28] ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषां शम्भुः प्रसीदति।