Aigiri_Nandini
[00:05.32] अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
[00:11.54] गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।
[00:17.92] भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते
[00:24.19] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[00:30.02] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १ ॥
[00:43.58] सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते
[00:49.69] त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते
[00:56.37] दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते
[01:02.84] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[01:08.69] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ २ ॥
[01:21.97] अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरते
[01:28.34] शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमालय शृङ्गनिजालय मध्यगते ।
[01:34.46] मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि कैटभभञ्जिनि रासरते
[01:41.00] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[01:46.93] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ ३ ॥
[02:19.78] अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्ड वितुण्डितशुण्द गजाधिपते
[02:25.73] रिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड मृगाधिपते ।
[02:32.16] निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपते
[02:38.27] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[02:44.67] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ४ ॥
[02:57.95] अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभृते
[03:04.33] चतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतकृत प्रमथाधिपते ।
[03:10.70] दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत कृतान्तमते
[03:17.15] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[03:23.00] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ५ ॥
[03:36.27] अयि शरणागत वैरिवधुवर वीरवराभय दायकरे
[03:42.65] त्रिभुवनमस्तक शुलविरोधि शिरोऽधिकृतामल शुलकरे ।
[03:49.29] दुमिदुमितामर धुन्दुभिनादमहोमुखरीकृत दिङ्मकरे
[03:55.41] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[04:01.51] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ६ ॥
[04:33.93] अयि निजहुङ्कृति मात्रनिराकृत धूम्रविलोचन धूम्रशते
[04:40.31] समरविशोषित शोणितबीज समुद्भवशोणित बीजलते ।
[04:46.68] शिवशिवशुम्भ निशुम्भमहाहव तर्पितभूत पिशाचरते
[04:53.07] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[04:58.90] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ७ ॥
[05:12.45] धनुरनुषङ्ग रणक्षणसङ्ग परिस्फुरदङ्ग नटत्कटके
[05:18.56] कनकपिशङ्ग पृषत्कनिषङ्ग रसद्भटशृङ्ग हताबटुके ।
[05:25.24] कृतचतुरङ्ग बलक्षितिरङ्ग घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके
[05:31.63] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[05:37.47] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ८ ॥
[05:50.81] सुरललना ततथेयि तथेयि कृताभिनयोदर नृत्यरते
[05:57.20] कृत कुकुथः कुकुथो गडदादिकताल कुतूहल गानरते ।
[06:03.58] धुधुकुट धुक्कुट धिंधिमित ध्वनि धीर मृदङ्ग निनादरते
[06:09.42] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[06:15.79] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ९ ॥
[06:48.78] जय जय जप्य जयेजयशब्द परस्तुति तत्परविश्वनुते
[06:54.62] झणझणझिञ्झिमि झिङ्कृत नूपुरशिञ्जितमोहित भूतपते ।
[07:01.00] नटित नटार्ध नटी नट नायक नाटितनाट्य सुगानरते
[07:07.64] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[07:13.48] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १० ॥
[07:26.93] अयि सुमनःसुमनःसुमनः सुमनःसुमनोहरकान्तियुते
[07:33.04] श्रितरजनी रजनीरजनी रजनीरजनी करवक्त्रवृते ।
[07:39.42] सुनयनविभ्रमर भ्रमरभ्रमर भ्रमरभ्रमराधिपते
[07:46.09] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[07:51.93] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ११ ॥
[08:05.48] सहितमहाहव मल्लमतल्लिक मल्लितरल्लक मल्लरते
[08:11.59] विरचितवल्लिक पल्लिकमल्लिक झिल्लिकभिल्लिक वर्गवृते ।
[08:17.70] शितकृतफुल्ल समुल्लसितारुण तल्लजपल्लव सल्ललिते
[08:24.08] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[08:30.50] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १२ ॥
[09:02.65] अविरलगण्ड गलन्मदमेदुर मत्तमतङ्ग जराजपते
[09:09.10] त्रिभुवनभुषण भूतकलानिधि रूपपयोनिधि राजसुते ।
[09:15.48] अयि सुदतीजन लालसमानस मोहन मन्मथराजसुते
[09:21.60] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[09:27.99] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १३ ॥
[09:41.29] कमलदलामल कोमलकान्ति कलाकलितामल भाललते
[09:47.41] सकलविलास कलानिलयक्रम केलिचलत्कल हंसकुले ।
[09:54.06] अलिकुलसङ्कुल कुवलयमण्डल मौलिमिलद्बकुलालिकुले
[10:00.44] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[10:06.01] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १४ ॥
[10:19.60] करमुरलीरव वीजितकूजित लज्जितकोकिल मञ्जुमते
[10:25.96] मिलितपुलिन्द मनोहरगुञ्जित रञ्जितशैल निकुञ्जगते ।
[10:32.34] निजगणभूत महाशबरीगण सद्गुणसम्भृत केलितले
[10:38.72] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[10:44.55] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १५ ॥
[11:17.52] कटितटपीत दुकूलविचित्र मयुखतिरस्कृत चन्द्ररुचे
[11:23.62] प्रणतसुरासुर मौलिमणिस्फुर दंशुलसन्नख चन्द्ररुचे
[11:30.00] जितकनकाचल मौलिमदोर्जित निर्भरकुञ्जर कुम्भकुचे
[11:36.37] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[11:42.48] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते १६ ॥
[11:55.51] विजितसहस्रकरैक सहस्रकरैक सहस्रकरैकनुते
[12:02.15] कृतसुरतारक सङ्गरतारक सङ्गरतारक सूनुसुते ।
[12:08.26] सुरथसमाधि समानसमाधि समाधिसमाधि सुजातरते ।
[12:14.64] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[12:21.01] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १७ ॥
[12:34.03] पदकमलं करुणानिलये वरिवस्यति योऽनुदिनं सुशिवे
[12:40.32] अयि कमले कमलानिलये कमलानिलयः स कथं न भवेत् ।
[12:46.71] तव पदमेव परम्पदमित्यनुशीलयतो मम किं न शिवे
[12:52.82] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[12:58.94] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १८ ॥
[13:31.61] कनकलसत्कलसिन्धुजलैरनुषिञ्चति तेगुणरङ्गभुवम्
[13:37.72] भजति स किं न शचीकुचकुम्भतटीपरिरम्भसुखानुभवम् ।
[13:44.42] तव चरणं शरणं करवाणि नतामरवाणि निवासि शिवम्
[13:50.80] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[13:56.64] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १९ ॥
[14:09.95] तव विमलेन्दुकुलं वदनेन्दुमलं सकलं ननु कूलयते
[14:16.35] किमु पुरुहूतपुरीन्दु मुखी सुमुखीभिरसौ विमुखीक्रियते ।
[14:22.72] मम तु मतं शिवनामधने भवती कृपया किमुत क्रियते
[14:28.83] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[14:35.23] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २० ॥
[14:48.25] अयि मयि दीन दयालुतया कृपयैव त्वया भवितव्यमुमे
[14:54.65] अयि जगतो जननी कृपयासि यथासि तथानुमितासिरते ।
[15:01.29] यदुचितमत्र भवत्युररीकुरुतादुरुतापमपाकुरुते
[15:07.67] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते
[15:13.52] माँ रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २१ ॥
