Pata Nahi Kis Roop Me Aakar Narayan Mil Jayega Cover By Swati Mishra(djsaran.in)
[00:03.78] नगेन्द्र यादव
[00:12.50] क्या लेके तू आया था और,
[00:15.43] क्या लेके तू जायेगा.....
[00:24.47] ऊंच नीच और जात पात से,
[00:27.38] ऊपर कब उठ पायेगा........
[00:30.57] सबके अंदर राम बसा है,
[00:33.22] नफरत किस से कर पायेगा..
[00:36.15] ..... मन को साफ तू कर ले
[00:38.82] क्यूँकी, पता नहीं किस रूप में आकर,
[00:46.01] नारायण मिल जायेगा.......
[00:54.80] निर्मल मन के दर्पण में वह,
[00:57.18] राम के दर्शन पायेगा........
[01:36.55] सारे जग को बनाने वाला,
[01:40.02] एक है मुरली वाला.......
[01:42.95] कोई जय राजा कोई भिखारी,
[01:45.60] खेल है उसका नीराला........
[01:48.79] भोग रहा है तू अपने करम को,
[01:51.45] दोष नहीं है किसी का......
[01:54.37] आँसू दिये या प्रेम बाँटा है,
[01:57.30] होता हिसाब उसी का......
[02:00.77] सबके अंदर राम बसा है,
[02:03.20] दिल किसका तू दूखा पायेगा......
[02:06.41] बांट ले थोडा प्यार तू क्यूकी ....
[02:09.07] पता नहीं किस रूप.......
