Pata Nahi Kis Roop Me Aakar Narayan Mil Jayega Cover By Swati Mishra(djsaran.in)
[00:00.85] By : Swati Mishra & Nagender Yadav
[00:12.00] क्या लेके तू आया था और,
[00:14.94] क्या लेके तू जायेगा.....
[00:17.87] क्या लेके तू आया था और,
[00:20.79] क्या लेके तू जायेगा.....
[00:23.99] ऊंच नीच और जात पात से,
[00:26.91] ऊपर कब उठ पायेगा........
[00:30.10] सबके अंदर राम बसा है,
[00:33.02] नफरत किस से कर पायेगा..
[00:35.94] ..... मन को साफ तू कर ले
[00:38.33] क्यूँकी, पता नहीं..
[00:42.05] पता नहीं किस रूप में आके
[00:45.23] नारायण मिल जायेगा.......
[00:48.16] पता नहीं किस रूप में आके
[00:51.09] नारायण मिल जायेगा.......
[00:54.26] निर्मल मन के दर्पण में वह,
[00:56.92] राम के दर्शन पायेगा........
[01:00.12] पता नहीं किस रूप में आके
[01:03.30] नारायण मिल जायेगा.......
[01:06.21] निर्मल मन के दर्पण में वह
[01:08.90] राम के दर्शन पायेगा,,
[01:12.35] पता नहीं किस रूप में आके....
[01:19.78] ...
[01:30.14] सारे जग को बनाने वाला,
[01:39.19] एक है मुरली वाला.......
[01:42.65] कोई है राजा, कोई भिखारी,
[01:45.04] खेल है उसका निराला........
[01:48.22] भोग रहा है तू अपने करम को,
[01:51.17] दोष नहीं है किसी का......
[01:54.35] आँसू दिये या प्रेम बाँटा है,
[01:57.00] होता हिसाब उसी का......
[02:00.19] सबके अंदर राम बसा है,
[02:02.85] दिल किसका तू दूखा पायेगा......
[02:06.05] बांट ले थोडा प्यार तू क्यूकी ....
[02:09.01] पता नहीं...
[02:11.93] पता नहीं किस रूप में आके
[02:15.40] नारायण मिल जाएगा,,
[02:18.05] पता नहीं किस रूप में आके
[02:21.25] नारायण मिल जायेगा.......
[02:24.19] निर्मल मन के दर्पण में वह
[02:26.85] राम के दर्शन पायेगा,,
[02:30.07] पता नहीं किस रूप में आके
[02:33.25] नारायण मिल जायेगा.......
[02:36.45] निर्मल मन के दर्पण में वह
[02:38.85] राम के दर्शन पायेगा,,
[02:42.29] पता नहीं किस रूप में आके.....
[02:55.06] खुशनसीब है वो इस जग में,
[02:56.90] जिनका पेट भरा है,
[03:00.35] उनसे पूछो जिसने,
[03:02.52] पेट की आग से भी लड़ा है ,,
[03:06.27] पेट भरे अगर तू
[03:08.14] भूखे का, करम ना इससे बड़ा हैं
[03:15.33] क्या पता वो भूखा खुद तेरे घर
[03:16.13] मुरली वाला खड़ा है
[03:17.98] सबके अंदर राम बसा है,
[03:20.98] भूखा किसको रख पायेगा,
[03:24.16] दान तू कर दिल खोल के,
[03:26.28] क्युकी
[03:27.08] पता नहीं..
[03:30.00] पता नहीं किस रूप में आके
[03:33.19] नारायण मिल जायेगा.......
[03:36.11] पता नहीं किस रूप में आके
[03:39.06] नारायण मिल जायेगा.......
[03:42.23] निर्मल मन के दर्पण में वह
[03:44.92] राम के दर्शन पायेगा,,
[03:48.12] पता नहीं किस रूप में आके
[03:51.30] नारायण मिल जायेगा.......
[03:53.95] निर्मल मन के दर्पण में वह
[03:56.92] राम के दर्शन पायेगा,,
[04:00.10] पता नहीं किस रूप में आके.....
