shloka23-26
[00:00.16] यत्र
[00:00.97] काले
[00:01.77] त्वनावृत्तिमावृत्तिं
[00:06.54] चैव योगिन: |
[00:10.79] प्रयाता
[00:11.85] यान्ति
[00:12.91] तं कालं
[00:16.10] वक्ष्यामि
[00:17.43] भरतर्षभ || 23||
[00:21.15] अग्निर्ज्योतिरह:
[00:23.27] शुक्ल:
[00:26.19] षण्मासा
[00:27.80] उत्तरायणम् |
[00:31.25] तत्र
[00:32.04] प्रयाता
[00:33.90] गच्छन्ति
[00:36.55] ब्रह्म
[00:37.35] ब्रह्मविदो
[00:38.94] जना: || 24||
[00:41.60] धूमो
[00:42.40] रात्रिस्तथा
[00:43.46] कृष्ण:
[00:46.93] षण्मासा
[00:48.53] दक्षिणायनम् |
[00:51.98] तत्र
[00:52.77] चान्द्रमसं
[00:54.36] ज्योतिर्योगी
[00:58.35] प्राप्य
[00:58.88] निवर्तते || 25||
[01:02.34] शुक्लकृष्णे
[01:03.93] गती
[01:05.00] ह्येते
[01:07.38] जगत:
[01:08.71] शाश्वते
[01:10.04] मते |
[01:13.13] एकया
[01:14.29] यात्यनावृत्तिम
[01:18.27] न्ययावर्तते
[01:20.66] पुन: || 26||
[01:22.26] || 26||
