shloka8-12
[00:00.17] अमानित्वमदम्भित्वम
[00:04.69] हिंसा
[00:06.01] क्षान्तिरार्जवम् |
[00:09.46] आचार्योपासनं
[00:12.38] शौचं
[00:14.78] स्थैर्यमात्मविनिग्रह: || 8||
[00:19.56] इन्द्रियार्थेषु
[00:21.68] वैराग्यम
[00:24.35] नहङ्कार
[00:25.95] एव च |
[00:28.60] जन्ममृत्युजराव्याधि
[00:33.02] दु:खदोषानुदर्शनम् || 9||
[00:37.90] असक्तिरनभिष्वङ्ग:
[00:41.78] पुत्रदारगृहादिषु |
[00:46.83] नित्यं च
[00:48.00] समचित्तत्वमि
[00:51.45] ष्टानिष्टोपपत्तिषु || 10||
[00:56.24] मयि
[00:57.03] चानन्ययोगेन
[01:01.01] भक्तिरव्यभिचारिणी |
[01:05.27] विविक्तदेशसेवित्वम
[01:10.04] रतिर्जनसंसदि || 11||
[01:14.02] अध्यात्मज्ञाननित्यत्वं
[01:18.73] तत्वज्ञानार्थदर्शनम् |
[01:23.60] एतज्ज्ञानमिति
[01:25.99] प्रोक्तम
[01:28.38] ज्ञानं
[01:29.71] यदतोऽन्यथा || 12||
[01:31.84] || 12||
