Powerful HANUMAN CHALISA from HanuMan _ Prasanth Varma _ Teja Sajja, Amritha Aiyer _ Prime (64K)
[00:19.57] य हनुमान ज्ञान गुन सागर
[00:21.96] जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥१॥
[00:24.08] राम दूत अतुलित बल धामा
[00:26.21] अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥२॥
[00:28.60] महाबीर बिक्रम बजरंगी
[00:30.74] कुमति निवार सुमति के संगी॥३॥
[00:33.13] कंचन बरन बिराज सुबेसा
[00:34.99] कानन कुंडल कुँचित केसा॥४॥
[00:42.15] हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजे
[00:44.28] काँधे मूँज जनेऊ साजे॥५॥
[00:46.40] शंकर सुवन केसरी नंदन
[00:48.53] तेज प्रताप महा जगवंदन॥६॥
[00:50.91] विद्यावान गुनी अति चातुर
[00:53.04] राम काज करिबे को आतुर॥७॥
[00:55.15] प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया
[00:57.54] राम लखन सीता मनबसिया॥८॥
[00:59.69] सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा
[01:01.81] विकट रूप धरि लंक जरावा॥९॥
[01:04.21] भीम रूप धरि असुर सँहारे
[01:06.33] रामचंद्र के काज सवाँरे॥१०॥
[01:13.23] लाय सजीवन लखन जियाए
[01:15.08] श्री रघुबीर हरषि उर लाए॥११॥
[01:17.47] रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई
[01:28.65] तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई॥१२॥
[01:31.03] सहस बदन तुम्हरो जस गावै
[01:33.15] अस कहि श्रीपति कंठ लगावै॥१३॥
[01:39.79] सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा
[01:41.91] नारद सारद सहित अहीसा॥१४॥
[01:44.03] जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते
[01:46.16] कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥१५॥
[01:49.08] तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा
[01:50.67] राम मिलाय राज पद दीन्हा॥१६॥
[01:53.05] तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना
[01:55.20] लंकेश्वर भये सब जग जाना॥१७॥
[01:57.59] जुग सहस्त्र जोजन पर भानू
[01:59.46] लिल्यो ताहि मधुर फ़ल जानू॥१८॥
[02:01.83] प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही
[02:03.96] जलधि लाँघि गए अचरज नाही॥१९॥
[02:06.34] दुर्गम काज जगत के जेते
[02:08.47] सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥२०॥
[02:10.86] राम दुआरे तुम रखवारे
[02:12.98] होत ना आज्ञा बिनु पैसारे॥२१॥
[02:15.38] सब सुख लहैं तुम्हारी सरना
[02:19.38] तुम रक्षक काहु को डरना॥२२॥
[02:22.04] आपन तेज सम्हारो आपै
[02:30.80] तीनों लोक हाँक तै कापै॥२३॥
[02:32.92] भूत पिशाच निकट नहि आवै
[02:35.59] महावीर जब नाम सुनावै॥२४॥
[02:37.44] नासै रोग हरे सब पीरा
[02:39.55] जपत निरंतर हनुमत बीरा॥२५॥
[02:41.95] संकट तै हनुमान छुडावै
[02:45.41] मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥२६॥
[02:46.74] सब पर राम तपस्वी राजा
[02:48.62] तिनके काज सकल तुम साजा॥२७॥
[02:50.76] और मनोरथ जो कोई लावै
[02:52.87] सोई अमित जीवन फल पावै॥२८॥
[02:54.99] चारों जुग परताप तुम्हारा
[02:57.38] है परसिद्ध जगत उजियारा॥२९॥
[02:59.77] साधु संत के तुम रखवारे
[03:01.89] असुर निकंदन राम दुलारे॥३०॥
[03:04.28] अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता
[03:06.14] अस बर दीन जानकी माता॥३१॥
[03:07.22] राम रसायन तुम्हरे पासा
[03:10.65] सदा रहो रघुपति के दासा॥३२॥
[03:12.77] तुम्हरे भजन राम को पावै
[03:23.95] जनम जनम के दुख बिसरावै॥३३॥
[03:26.34] अंतकाल रघुवरपुर जाई
[03:28.73] जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥३४॥
[03:31.11] और देवता चित्त ना धरई
[03:33.24] हनुमत सेई सर्व सुख करई॥३५॥
[03:35.35] संकट कटै मिटै सब पीरा
[03:38.29] जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥३६॥
[03:39.60] जै जै जै हनुमान गुसाईँ
[03:41.74] कृपा करहु गुरु देव की नाई॥३७॥
[03:44.12] जो सत बार पाठ कर कोई
[03:46.26] छूटहि बंदि महा सुख होई॥३८॥
[03:48.38] जो यह पढ़े हनुमान चालीसा
[03:50.77] होय सिद्ध साखी गौरीसा॥३९॥
[03:52.90] तुलसीदास सदा हरि चेरा
[04:04.07] कीजै नाथ हृदय मह डेरा॥४०॥
