Aaina
[00:36.75] Yeah, yeah, yeah, yeah
[00:40.22] हाँ, १०० शब्दों की एक बात
[00:42.34] सोचे बिना सोया नहीं एक रात
[00:44.86] लिखे हुए हो गया है एक साल
[00:47.33] राज़ महफ़ूज़ मेरे छे-सात
[00:50.00] दोस्तों के पास, क्योंकि भेड़ चाल
[00:52.37] में चलने वाले करें इतना भेद-भाव
[00:54.82] शैतान ने बोला मुझे, “सेब खा”
[00:57.21] भगवान ने बोला, “माथा टेक आ”
[00:59.79] समाज से परे इन राहों में यूँ ही खेलते हैं
[01:02.12] घिस लेंगें ऐड़ियाँ, पर घुटने ना टेकने
[01:04.66] अब देखते ही देखते यूँ बीत गए साल
[01:07.15] हाँ, मैं हूँ परेशान
[01:08.24] तभी हाथों में ये Juul है ना
[01:10.07] माँ को पता नहीं, लड़का रहता दूर है ना
[01:12.41] सज़ा पता नहीं, कठघरा क़बूल है ना
[01:15.06] सुधर जाऊँगा जो हो गई ये भूल है ना
[01:17.36] धूल है ना आँखों में अभी
[01:19.39] Yeah, था बचपन से यक़ीं
[01:21.16] बोला-बोला थक गया, पर ये समझते नहीं हैं
[01:23.63] पर पिताजी ने भी बोला, “ऐसे बकते नहीं हैं
[01:26.09] क्यूँ गरजने वाले बादल यूँ बरसते नहीं हैं?”
[01:28.73] झूठी कला वाले दिलों में यूँ बसते नहीं हैं
[01:30.84] जब से game बड़ा हुआ ये लोग हँसते नहीं हैं
[01:33.70] अभी (haha!) समझते नहीं हैं
[01:36.03] जब से game बड़ा हुआ लिखने लग गए सभी हैं
[01:38.61] अभी तो, अभी तो दोस्ती बोझ है
[01:40.86] सब जताने को यूँ खुश हैं, ऐसे phone पे क्यूँ हैं?
[01:43.42] “तू तो भूल गया मुझे,” बोलते क्यूँ हैं?
[01:45.83] दोगले क्यूँ हैं? ये खोखले क्यूँ हैं?
[01:47.68] ये trip जा के trip मारने के जोश में क्यूँ हैं?
[01:50.07] तो अभी समझ नहीं आता (अभी समझ नहीं आता)
[01:52.56] उमर मेरी हो गई है २२ (उमर २२ मेरी)
[01:54.71] ख़याल मेरे बन रहे लिखाई (बन रहे लिखावट)
[01:57.08] और IIT बैठा मेरा दोस्त (IIT बैठा मेरा दोस्त)
[01:59.52] IIIT बैठा मेरा भाई (IIIT बैठा मेरा भाई)
[02:02.22] Number तो मेरे भी 95 (95)
[02:04.51] पर घंटा उस से फ़रक़ पड़ा, भाई (फ़रक़ पड़ा, भाई)
[02:06.86] और तब ICU में था मेरा दोस्त (और तब ICU…)
[02:09.37] मैं ख़फ़ा था, मैं किया ना reply (ना reply)
[02:11.97] वो गया बिना बोले goodbye (ना goodbye)
[02:14.42] अकेलेपन से अब भी लगे डर
[02:16.17] नहीं चाह के भी ख़याल खटखटाएँ मेरे
[02:18.82] Uh, हाँ, तू लाखों में एक
[02:20.63] पर कोई बात नहीं करे अभी आँखों में देख के
[02:23.15] क्यूँ छुपाने को तो बातें सबके पास ही अनेक हैं?
[02:25.53] और जो दोस्त तेरे जलें तो तू हाथों को सेंक ले
[02:28.07] मेरी बात नहीं जमे तो जज़्बातों को देख ले
[02:30.44] अभी झूम गए इनकी बातों को लेके
[02:32.90] अभी घूम गए इनके वादे लपेट के
[02:35.28] और जो ख़ून को बहाने से परहेज़ करें
[02:37.56] Right के लिए fight करना उन्हीं को
[02:39.49] (Right के लिए fight करना उन्हीं को)
[02:40.95] और सुधरने का time ही नहीं है
[02:42.88] सभी काँच लेके घूमें, यहाँ आईने नहीं हैं
[02:45.24] हाथ जोड़ने या खोलने के मायने नहीं हैं
[02:47.87] बाहर क़ायदे नहीं हैं
[02:50.85] झूम गए इनकी बातों को देख के
[02:52.91] अभी घूम गए इनके वादे लपेट के
[02:55.26] और जो ख़ून को बहाने से परहेज़ करें
