Hanuman chalisa
[00:01.19] श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
[00:12.88] बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
[00:24.30] बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
[00:35.18] बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।
[00:56.20] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
[01:00.98] जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
[01:06.30] रामदूत अतुलित बल धामा।
[01:11.62] अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।
[01:22.23] महाबीर बिक्रम बजरंगी।
[01:28.08] कुमति निवार सुमति के संगी।।
[01:33.38] कंचन बरन बिराज सुबेसा।
[01:38.70] कानन कुंडल कुंचित केसा।।
[01:43.75] हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
[01:49.06] कांधे मूंज जनेऊ साजै।
[01:54.37] संकर सुवन केसरीनंदन।
[01:59.69] तेज प्रताप महा जग बन्दन।।
[02:10.04] विद्यावान गुनी अति चातुर।
[02:17.48] राम काज करिबे को आतुर।।
[02:20.94] प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
[02:25.99] राम लखन सीता मन बसिया।।
[02:31.56] सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
[02:36.62] बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
[02:42.19] भीम रूप धरि असुर संहारे।
[02:47.51] रामचंद्र के काज संवारे।।
[02:57.60] लाय सजीवन लखन जियाये।
[03:03.17] श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
[03:08.75] रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
[03:13.53] तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
[03:19.11] सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
[03:24.68] अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
[03:29.47] सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
[03:34.52] नारद सारद सहित अहीसा।।
[03:45.40] जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
[03:50.99] कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
[03:56.03] तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
[04:01.34] राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
[04:06.65] तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
[04:11.70] लंकेस्वर भए सब जग जाना।।
[04:15.16] जुग सहस्र जोजन पर भानू।
[04:22.62] लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
[04:33.24] प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
[04:38.54] जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
[04:43.86] दुर्गम काज जगत के जेते।
[04:48.64] सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
[04:54.49] राम दुआरे तुम रखवारे।
[04:59.53] होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
[05:04.84] सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
[05:10.15] तुम रक्षक काहू को डर ना।।
[05:20.80] आपन तेज सम्हारो आपै।
[05:26.37] तीनों लोक हांक तें कांपै।।
[05:31.42] भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
[05:36.73] महाबीर जब नाम सुनावै।।
[05:42.32] नासै रोग हरै सब पीरा।
[05:47.35] जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
[05:52.67] संकट तें हनुमान छुड़ावै।
[05:57.72] मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
[06:08.64] सब पर राम तपस्वी राजा।
[06:13.95] तिन के काज सकल तुम साजा।
[06:19.00] और मनोरथ जो कोई लावै।
[06:24.04] सोइ अमित जीवन फल पावै।।
[06:29.89] चारों जुग परताप तुम्हारा।
[06:35.20] है परसिद्ध जगत उजियारा।।
[06:40.52] साधु-संत के तुम रखवारे।
[06:45.57] असुर निकंदन राम दुलारे।।
[06:56.18] अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
[07:02.57] अस बर दीन जानकी माता।।
[07:06.54] राम रसायन तुम्हरे पासा।
[07:11.86] सदा रहो रघुपति के दासा।।
[07:17.17] तुम्हरे भजन राम को पावै।
[07:22.49] जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
[07:27.80] अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
[07:33.11] जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।
[07:43.73] और देवता चित्त न धरई।
[07:48.78] हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
[07:54.09] संकट कटै मिटै सब पीरा।
[07:58.88] जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
[08:04.99] जै जै जै हनुमान गोसाईं।
[08:09.76] कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
[08:15.08] जो सत बार पाठ कर कोई।
[08:20.13] छूटहि बंदि महा सुख होई।।
[08:31.01] जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
[08:36.05] होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
[08:41.64] तुलसीदास सदा हरि चेरा।
[08:46.95] कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।
