Tu Hai Kahan
[00:10.16] कि जब मैं हद से आगे बढ़ गया था आशिकी में
[00:13.87] यानी ज़िंदगी को ले रहा मज़ाक ही में
[00:16.53] फिर मज़ाक ही में मिल गया सब ख़ाक ही में
[00:19.72] छू कर आया मंज़िलें तो तन्हा था मैं वापसी में
[00:22.11] जैसे फूल तोड़े होंगे तुमने झोली भर के
[00:25.29] मैं वोह फूल जो के रह गया था शाख ही में
[00:27.97] जैसे ख़्वाब ही मैं ख़्वाबगाह आंख ही में
[00:30.36] पल से पल में क्या हुआ तुम रह गए बस याद ही में
[00:33.82] एक सवाल मचलता है मेरे दिल में कभी
[00:36.47] तुझे मैं भूल जाऊँ या तुझे मैं याद करूँ
[00:38.86] तुझी को सोच के लिखता हूँ जो भी लिखता हूँ
[00:42.06] अब लिख रहा हूँ तो फिर क्यों ना एक सवाल करूँ
[00:44.72] मैं इस सवाल से ग़म को बदल दूँ खुशियों में
[00:47.64] पर इन बेजान सी खुशियों से क्या कमाल करूँ
[00:50.83] पर अब सवाल भी कमाल तू संभाल ले फिल्हाल
[00:53.48] यह सवाल बिछा जाल क्या मैं चाल चलूँ
[00:56.14] चाल चल तू अपनी मैं तुझे पहचान लूँगा
[00:59.06] मैं अपनी महफिलों में सिर्फ तेरा ही नाम लूँगा
[01:01.98] तुझे पसंद है धीमा लहज़ा और बस ख़ामोशियां
[01:04.64] मैं तेरे ख़ातिर अपनी ख़ुद की साँसें थाम लूँगा
[01:08.09] क्या तेरे सारे आंसू मेरे हो सकते हैं
[01:10.22] ऐसा है तो तेरे ख़ातिर हम भी रो सकते हैं
[01:13.14] मेरे ख़ातिर मेरे रोने पर अब तुम बस हंस देना
[01:16.06] एक बार तेरे मुस्कुराहट के पीछे हम सब कुछ खो सकते हैं
[01:19.51] क्या मेरी मोहब्बतों का कोई हिसाब नहीं है
[01:22.17] क्यों तेरे आँखों में मेरे लिए कोई ख्वाब नहीं है
[01:24.86] तुझे क्या ही करूँ, ग़मज़ादा अब जाने दे
[01:28.05] के तेरे पास मेरे प्यार का जवाब नहीं है
[01:30.44] कितनी मुद्दतें हुई हैं, तुमने खत क्यों नहीं भेजा
[01:33.62] गा लेता हूँ तेरे लिए, मौसिक़ी नहीं है पेशा
[01:36.54] आने की खबर ही नहीं, तेरे अब
[01:39.47] अब क्या मौसमों से पूछूँ, तेरे आने का अंदेशा
[01:43.20] आँखों में आंसू नहीं है
[01:45.31] कहाँ है तू, कहाँ तू नहीं है
[01:47.70] दिल को ये अब जानना ही नहीं
[01:52.76] बस तू चले आओ
[01:55.69] तू है कहाँ
[01:57.56] ख्वाबों के इस शहर में
[01:58.36] मेरा दिल तुझे ढूंढता
[02:02.61] ढूंढता अर्सा हुआ
[02:08.45] तुझको देखा नहीं, तू ना जाने कहाँ छुप गया
[02:12.97] छुप गया, आओ फिर से हम चले
[02:18.01] थाम लो ये हाथ, कर दो कम ये फासले
[02:20.93] ना पता हो मंज़िलों का, ना हो रस्ते
[02:23.59] तू हो, मैं हूँ, बैठे दोनों फिर हम, तारों के तले
[02:27.84] ना सुबह हो फिर, ना ही दिन ढले
[02:30.76] कुछ ना कह सके, कुछ ना सुन सके
[02:33.69] बातें सारी वह दिल में ही रहे
[02:36.87] तुम को क्या पता है, क्या हो तुम मेरे लिए
[02:39.54] कहकशा हो तुम, कहानियों की परियों की
[02:41.39] तरह हो तुम
[02:45.37] मुझमें आ सके ना कोई इस तरह हो तुम
[02:46.60] हो यकीन तुम मेरा या फिर गुमान हो तुम
[02:49.63] आशियान हो तुम, मैं भटका सा मुसाफिर
[02:53.88] और मकान हो तुम
[02:56.00] मेरी मंज़िलों का एक ही रास्ता हो तुम
[02:58.05] ढूँढता है दिल तुझे, बता कहाँ हो तुम,
[03:02.85] हो जहाँ कहीं भी आओ पास ताकि
[03:04.45] आंसू मेरे थम सकें
[03:06.57] याद आ रहे हो तुम मुझे अब हर लम्हे
[03:09.22] ऐसी जिन्दगी का क्या जो तुम जिन्दगी में होके
[03:12.41] मेरी जिन्दगी ना बन सके
[03:14.27] सोचता रहूँ या भूल जाऊँ अब तुम्हें
[03:17.19] तुम मिल ही ना सकोगी तो
[03:19.85] फिर कैसे चाहूँ अब तुम्हें
[03:21.19] तेरे सारे ख्वाब पल में जोड़ देंगे
[03:23.05] जिसमें तू ही ना बसेगा फिर वह दिल ही तोड़ देंगे
[03:25.71] छोड़ देंगे वह शहर के जिसमें तुम ना होगे
[03:28.63] तूट जाएंगे मकान वह सारे हसरतों के
[03:31.28] गुज़रे पल जो साथ तेरे वह पल है बस सुकून के
[03:34.21] मिल लो अब तुम इस तरह के फिर नहीं मिलोगे
[03:37.13] तू ही था साथ में मेरे कैसे मैं जीयूँगा अकेले
[03:42.71] तारे गिन-गिन के हो गई है सुबह
[03:48.02] तू है कहाँ
[03:50.75] ख्वाबों के इस शहर में
[03:52.61] मेरा दिल तुझे ढूंढता
[03:56.14] ढूंढता
[03:59.33] अरसा हुआ तुझको देखा नहीं
[04:03.84] तू ना जाने कहाँ छुप गया
[04:08.14] छुप गया
