Lakh Chaurasi
[00:00.56] लख़-चौरासी
[00:29.54] हे र.... लख़-चौरासी खतम हुई ना....,
[00:33.79] लख-चौरासी खतम हुई ना,
[00:38.04] बीत कल्प-युग चार गए।
[00:42.29] नाक में दम आ लिया करें क्या,
[00:46.28] हम मरते-मरते हार गए...,
[00:50.79] मरते-मरते हार गए ॥टेक॥
[00:55.05] ----
[01:34.38] बहुत सी माताओं का हमने,
[01:38.09] दूध पिया पर याद नहीं।
[01:41.82] पिता बहुत से हुए हमारे,
[01:46.08] उनका भी घर याद नहीं ।
[01:50.32] बहुत से भाई-बहन हुए पर,
[01:54.31] एक अंक दर याद नही।
[01:58.29] बहुत सी संतान पैदा की हमनें,
[02:02.26] वे भी गए मर्याद नहीं...,
[02:06.79] वे भी गए मर्याद नहीं ॥1॥
[02:10.53] ----
[02:11.85] शुभ-अशुभ कर्म करने ते,
[02:15.04] स्वर्ग-नरक कई बार गए।
[02:19.55] नाक में दम आ लिया करें क्या,
[02:23.54] हम मरते-मरते हार गए,
[02:27.52] मरते-मरते हार गए॥
[02:30.73] ----
[03:14.04] कहीं जेरों में लिपट रहे...,
[03:17.22] कहीं जेरों में लिपट रहे,
[03:21.21] हम अपने कर्म करीने से।
[03:25.20] कहीं अंडों में... बंद रहे,
[03:29.19] कहीं पैदा हुए पसीने से।
[03:33.43] कहीं जल अंदर डूबे मरे,
[03:37.16] कहीं उम्र कटी जल पीने से।
[03:41.14] फिर भी मोक्ष हाथ नहीं आया,
[03:45.91] मौत भली इस जीने से...,
[03:50.70] मौत भली इस जीने से॥2॥
[03:53.35] ----
[03:54.95] कभी आर, कभी पार हुए...,
[03:58.89] कभी आर, कभी पार हुए।
[04:02.87] कभी डूब बीच मंझधार गए,
[04:07.12] नाक में दम आ लिया करें क्या।
[04:11.36] मरते-मरते हार गए... ,
[04:15.61] मरते-मरते हार गए॥
[04:19.33] ----
[04:28.63] कहीं निर्बलता कहीं प्रबलता,
[04:31.81] कहीं हर्ष कहीं स्योग लिया।
[04:35.81] कहीं हम राजा थे छत्रधारी,
[04:39.25] कहीं जोगी बण-कै न जोग लिया।
[04:44.04] भोग भोगने... हम आये,
[04:47.76] पर हमें भोग ने भोग लिया॥3॥
[04:51.74] ----
[04:52.80] लख़-चौरासी जिया जून में...,
[04:56.78] कई तरह का रोग लिया...,
[05:00.51] कई तरह का रोग लिया।
[05:04.49] ऋषि महात्मा हुए बहुत से,
[05:08.74] अपना जहन बिचार गए...।
[05:13.27] नाक में दम आ लिया करें क्या,
[05:17.52] मरते-मरते हार गए...।
[05:20.97] मरते-मरते हार गए॥
[05:30.29] काम-क्रोध मध लोभ मोह न...,
[05:34.01] काम-क्रोध मध लोभ मोह न।
[05:37.47] करना चाहूँ था बस मे...,
[05:41.73] ये तो बस में हुये नहीं।
[05:45.44] हम होगे इनके बस मे।
[05:49.96] आशा, तृष्णा मोह-ममता न...,
[05:54.20] मार गिराऊँ गर्दिश में...।
[05:58.72] ये गर्दिश में नहीं मिले,
[06:01.91] हम लड़ते रहे यश-अपयश में...।
[06:06.70] लड़ते रहे यश-अपयश में ॥4॥
[06:10.42] ----
[06:11.47] कह देबीराम गुरु लखमीचंद...,
[06:15.99] देबीराम गुरु लखमीचंद ।
[06:19.44] लंबे पैर पसार गए...।
[06:23.17] नाक में दम आ लिया करें क्या,
[06:27.41] मरते-मरते हार गए...।
[06:31.40] मरते-मरते हार गए॥
