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संकटमोचन हनुमान अष्टक_ Sankat Mochan Hanuman Ashtak_HARIHARAN_Hindi_ English Lyrics_ Hanuman Chalisa(MP3_320K)

Hanuman
[06:14.30]·Synced by Guest·
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[00:00.39] ॥ हनुमानाष्टक ॥

[00:06.24] बाल समय रवि भक्षी लियो तब,

[00:10.49] तीनहुं लोक भयो अंधियारों ।

[00:14.72] ताहि सों त्रास भयो जग को,

[00:18.19] यह संकट काहु सों जात न टारो ।

[00:23.01] देवन आनि करी बिनती तब,

[00:27.53] छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो ।

[00:32.57] को नहीं जानत है जग में कपि,

[00:39.44] संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥

[00:54.05] बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,

[00:58.31] जात महाप्रभु पंथ निहारो ।

[01:02.56] चौंकि महामुनि साप दियो तब,

[01:06.80] चाहिए कौन बिचार बिचारो ।

[01:10.78] कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,

[01:15.05] सो तुम दास के सोक निवारो ॥ २ ॥

[01:36.38] अंगद के संग लेन गए सिय,

[01:39.97] खोज कपीस यह बैन उचारो ।

[01:45.55] जीवत ना बचिहौ हम सो जु,

[01:48.62] बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो ।

[01:53.14] हेरी थके तट सिन्धु सबे तब,

[01:57.13] लाए सिया-सुधि प्राण उबारो ॥ ३ ॥

[02:23.45] रावण त्रास दई सिय को सब,

[02:27.71] राक्षसी सों कही सोक निवारो ।

[02:31.96] ताहि समय हनुमान महाप्रभु,

[02:36.21] जाए महा रजनीचर मरो ।

[02:41.01] चाहत सीय असोक सों आगि सु,

[02:44.20] दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो ॥ ४ ॥

[03:05.18] बान लाग्यो उर लछिमन के तब,

[03:09.17] प्राण तजे सूत रावन मारो ।

[03:13.41] लै गृह बैद्य सुषेन समेत,

[03:17.66] तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ।

[03:21.66] आनि सजीवन हाथ दिए तब,

[03:25.89] लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥ ५ ॥

[03:52.24] रावन जुध अजान कियो तब,

[03:56.23] नाग कि फाँस सबै सिर डारो ।

[04:00.50] श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,

[04:04.72] मोह भयो यह संकट भारो I

[04:08.75] आनि खगेस तबै हनुमान जु,

[04:13.52] बंधन काटि सुत्रास निवारो ॥ ६ ॥

[04:33.57] बंधू समेत जबै अहिरावन,

[04:37.28] लै रघुनाथ पताल सिधारो ।

[04:41.65] देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि,

[04:49.77] देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो ।

[04:50.04] जाये सहाए भयो तब ही,

[04:53.49] अहिरावन सैन्य समेत संहारो ॥ ७ ॥

[05:14.23] काज किये बड़ देवन के तुम,

[05:18.52] बीर महाप्रभु देखि बिचारो ।

[05:22.50] कौन सो संकट मोर गरीब को,

[05:26.75] जो तुमसे नहिं जात है टारो ।

[05:31.00] बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,

[05:34.98] जो कछु संकट होए हमारो ॥ ८ ॥

[00:00.00] ॥ दोहा ॥

[00:00.00] लाल देह लाली लसे,

[00:00.00] अरु धरि लाल लंगूर ।

[00:00.00] वज्र देह दानव दलन,

[00:00.00] जय जय जय कपि सूर ॥