Lofi Version Bajrang Baan (बजरग बण) With Lyrics - Rasraj Ji Maharaj @lofibhajans
[00:02.14] निश्चय प्रेम प्रतीत ते, विनय करें सनमान ।
[00:14.63] तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥
[00:27.91] जय हनुमंत संत हितकारी ।
[00:31.37] सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥०१॥
[00:33.49] जन के काज विलम्ब न कीजै ।
[00:35.63] आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥०२॥
[00:37.78] जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा ।
[00:40.22] सुरसा बद पैठि विस्तारा ॥०३॥
[00:42.35] आगे जाई लंकिनी रोका ।
[00:44.47] मारेहु लात गई सुर लोका ॥०४॥
[00:46.61] जाय विभीषण को सुख दीन्हा ।
[00:48.73] सीता निरखि परम पद लीन्हा ॥०५॥
[00:50.85] बाग उजारी सिंधु महं बोरा ।
[00:53.02] अति आतुर यम कातर तोरा ॥०६॥
[00:55.43] अक्षय कुमार मारि संहारा ।
[00:57.55] लूम लपेट लंक को जारा ॥०७॥
[00:59.67] लाह समान लंक जरि गई ।
[01:01.80] जय जय धुनि सुर पुर महं भई ॥०८॥
[01:04.19] अब विलम्ब केहि कारण स्वामी ।
[01:06.32] कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥०९॥
[01:08.71] जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता ।
[01:10.83] आतुर होय दुख हरहु निपाता ॥१०॥
[01:12.96] जै गिरिधर जै जै सुखसागर ।
[01:15.08] सुर समूह समरथ भटनागर ॥११॥
[01:17.22] ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले।
[01:19.34] बैरिहिं मारू बज्र की कीले ॥१२॥
[01:21.74] गदा बज्र लै बैरिहिं मारो ।
[01:23.87] महाराज प्रभु दास उबारो ॥१३॥
[01:25.99] ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो ।
[01:28.11] बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ॥१४॥
[01:30.25] ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा ।
[01:32.39] ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥१५॥
[01:34.80] सत्य होहु हरि शपथ पाय के ।
[01:36.93] रामदूत धरु मारु धाय के ॥१६॥
[01:39.05] जय जय जय हनुमंत अगाधा ।
[01:41.19] दु:ख पावत जन केहि अपराधा ॥१७॥
[01:43.31] पूजा जप तप नेम अचारा।
[01:45.70] नहिं जानत कछु दास तुम्हारा ॥१८॥
[01:47.83] वन उपवन, मग गिरि गृह माहीं ।
[01:49.97] तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥१९॥
[01:52.09] पांय परों कर जोरि मनावौं ।
[01:54.21] यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥२०॥
[01:56.35] जय अंजनि कुमार बलवन्ता ।
[01:58.54] शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥२१॥
[02:00.93] बदन कराल काल कुल घालक ।
[02:03.05] राम सहाय सदा प्रति पालक ॥२२॥
[02:05.18] भूत प्रेत पिशाच निशाचर ।
[02:07.31] अग्नि बेताल काल मारी मर ॥२३॥
[02:09.69] इन्हें मारु तोहिं शपथ राम की ।
[02:11.84] राखु नाथ मरजाद नाम की ॥२४॥
[02:13.96] जनकसुता हरि दास कहावौ ।
[02:16.08] ताकी शपथ विलम्ब न लावो ॥२५॥
[02:18.22] जय जय जय धुनि होत अकाशा ।
[02:20.62] सुमिरत होत दुसह दुःख नाशा ॥२६॥
[02:22.74] चरण शरण कर जोरि मनावौ ।
[02:24.88] यहि अवसर अब केहि गौहरावौं ॥२७॥
[02:27.01] उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई ।
[02:29.13] पांय परौं कर जोरि मनाई ॥२८॥
[02:31.27] ॐ चं चं चं चं चपल चलंता ।
[02:33.41] ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥२९॥
[02:35.80] ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल ।
[02:37.94] ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥३०॥
[02:40.35] अपने जन को तुरत उबारो ।
[02:42.21] सुमिरत होय आनन्द हमारो ॥३१॥
[02:44.63] यह बजरंग बाण जेहि मारै ।
[02:46.76] ताहि कहो फिर कौन उबारै ॥३२॥
[02:48.91] पाठ करै बजरंग बाण की ।
[02:50.77] हनुमत रक्षा करैं प्राण की ॥३३॥
[02:53.16] यह बजरंग बाण जो जापै ।
[02:55.55] तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे ॥३४॥
[02:57.67] धूप देय अरु जपै हमेशा ।
[02:59.81] ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥३५॥
