Shiva Tandava Stotram __ Original Powerful & Best Trance ( 256kbps cbr )
[00:30.24] जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले
[00:32.89] गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् ।
[00:36.09] डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
[00:39.27] चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥
[00:49.10] जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी
[00:52.02] विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि ।
[00:54.96] धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके
[00:58.43] किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥
[01:14.63] धराधरेन्द्रनंदिनीविलासबन्धुबन्धुर
[01:17.55] स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे ।
[01:20.74] कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि
[01:23.93] क्वचिद्दिगम्बरे(क्वचिच्चिदम्बरे) मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥
[01:33.77] जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा
[01:36.71] कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे ।
[01:40.18] मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे
[01:43.11] मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥
[02:05.96] सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर
[02:29.33] प्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः ।
[02:32.53] भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटक
[02:35.97] श्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ॥५॥
[02:42.88] ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिङ्गभा
[02:46.33] निपीतपञ्चसायकं नमन्निलिम्पनायकम् ।
[02:49.53] सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं
[02:52.71] महाकपालिसम्पदेशिरोजटालमस्तु नः ॥६॥
[03:03.07] करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल
[03:09.45] द्धनञ्जयाहुतीकृतप्रचण्डपञ्चसायके ।
[03:10.24] धराधरेन्द्रनन्दिनीकुचाग्रचित्रपत्रक
[03:13.21] प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ॥७॥
[03:18.26] नवीनमेघमण्डली निरुद्धदुर्धरस्फुरत्
[03:21.21] कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकन्धरः ।
[03:24.67] निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिन्धुरः
[03:27.85] कलानिधानबन्धुरः श्रियं जगद्धुरंधरः ॥८॥
[03:44.86] प्रफुल्लनीलपङ्कजप्रपञ्चकालिमप्रभा
[03:52.58] वलम्बिकण्ठकन्दलीरुचिप्रबद्धकन्धरम् ।
[03:57.92] स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं
[04:04.82] गजच्छिदांधकच्छिदं तमन्तकच्छिदं भजे ॥९॥
[04:13.32] अगर्व सर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी
[04:19.45] रसप्रवाहमाधुरी विजृम्भणामधुव्रतम् ।
[04:26.68] स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं
[04:33.58] गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे ॥१०॥
[04:53.77] जयत्वदभ्रविभ्रमभ्रमद्भुजङ्गमश्वस
[04:56.70] द्विनिर्गमत्क्रमस्फुरत्करालभालहव्यवाट् ।
[05:00.16] धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदङ्गतुङ्गमङ्गल
[05:03.61] ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्डताण्डवः शिवः ॥११॥
[05:10.52] दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजङ्गमौक्तिकस्रजोर्
[05:13.71] गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।
[05:16.90] तृणारविन्दचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः
[05:20.35] समं प्रव्रितिक: कदा सदाशिवं भजाम्यहम ॥१२॥
[05:39.78] कदा निलिम्पनिर्झरीनिकुञ्जकोटरे वसन्
[05:43.02] विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरः स्थमञ्जलिं वहन् ।
[05:47.27] विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः
[05:49.41] शिवेति मंत्रमुच्चरन् कदा सुखी भवाम्यहम् ॥१३॥
[06:05.61] निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-
[00:00.00] निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः ।
[00:00.00] तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं
[00:00.00] परिश्रय परं पदं तदङ्गजत्विषां चयः ॥१४॥
[00:00.00] प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी
[00:00.00] महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना ।
[00:00.00] विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः
[00:00.00] शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम् ॥१५॥
[00:00.00] इमं हि नित्यमेवमुक्तमुत्तमोत्तमं स्तवं
[00:00.00] पठन्स्मरन्ब्रुवन्नरो विशुद्धिमेतिसंततम् ।
[00:00.00] हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथा गतिं
[00:00.00] विमोहनं हि देहिनां सुशङ्करस्य चिंतनम् ॥१६॥
