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Aarambh hai

Unknown artist
[04:57.98]·Synced by Guest·
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[00:49.58] आरम्भ है प्रचंड

[00:51.48] बोले मस्तकों के झुंड

[00:53.34] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[01:05.04] आरम्भ है प्रचंड

[01:06.62] बोले मस्तकों के झुंड

[01:08.75] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[01:12.74] आन, बान, शान या की जान का हो दान

[01:16.45] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[01:20.44] आरम्भ है प्रचंड

[01:22.03] बोले मस्तकों के झुंड

[01:23.89] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[01:28.14] आन, बान, शान या की जान का हो दान

[01:31.59] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[01:35.84] आरम्भ है प्रचंड

[01:54.98] मन करे सो प्राण दे, जो मन करे सो प्राण ले

[01:58.70] वही तो एक सर्व शक्तिमान है

[02:02.68] मन करे सो प्राण दे, जो मन करे सो प्राण ले

[02:06.41] वही तो एक सर्व शक्तिमान है

[02:10.39] विश्व की पुकार है

[02:12.25] ये भागवत का सार है

[02:14.12] की युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है

[02:17.85] कौरवों की भीड़ हो या पांडवो का नीड हो

[02:21.82] जो लड़ सका है वो ही तो महान है

[02:25.82] जीत की हवस नहीं

[02:27.69] किसी पे कोई वश नहीं

[02:29.55] क्या जिंदगी है ठोकरों पे मार दो

[02:33.27] मौत अंत है नहीं, तो मौत से भी क्यों डरे

[02:36.98] ये जाके आसमानो में दहाड़ दो

[02:40.96] आरम्भ है प्रचंड

[02:42.82] बोले मस्तकों के झुंड

[02:44.68] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[02:48.67] आन, बान, शान या की जान का हो दान

[02:52.39] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[02:56.91] आरम्भ है प्रचंड

[03:15.76] हो दया का भाव या की शौर्य का चुनाव

[03:17.36] या की हार का वो घाव तुम ये सोच लो

[03:23.21] हो दया का भाव या की शौर्य का चुनाव

[03:26.93] या की हार का वो घाव तुम ये सोच लो

[03:30.92] या की पूरे भाल पर जल रहे विजय का लाल

[03:34.95] लाल ये गुलाल तुम ये सोच लो

[03:38.68] रंग केसरी हो या मृदुंग केसरी हो

[03:42.40] या की केसरी हो लाल तुम ये सोच लो

[03:52.50] जिस कवि की कल्पना में जिंदगी हो प्रेम गीत

[03:56.48] उस कवि को आज तुम नकार दो

[03:59.93] भीगती नसों में आज

[04:02.06] फूलती रगों में आज

[04:03.92] आग की लपट का तुम बघार दो

[04:07.64] आरम्भ है प्रचंड

[04:09.23] बोले मस्तकों के झुंड

[04:11.09] आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

[04:15.07] आन, बान, शान या की जान का हो दान

[04:18.80] आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

[04:23.57] आरम्भ है प्रचंड

[04:26.76] आरम्भ है प्रचंड

[04:30.48] आरम्भ है प्रचंड