Main Kaise Kahoon Janeman
[00:00.50] Recordings
[00:00.50] Main Kaise Kahun Jaaneman - JS (Adaa)
[00:02.36] शफ़क़ हो, फूल हो,
[00:07.40] शबनम हो, माहताब हो तुम
[00:16.98] नहीं जवाब तुम्हारा, के लाजवाब हो तुम
[00:31.34] *~**~**~**~Music~**~**~**~*
[00:52.86] मैं कैसे कहूँ जानेमन…
[00:58.20] मैं कैसे कहूँ जानेमन,
[01:02.17] तेरा दिल सुने मेरी बात
[01:06.69] ये आँखों की सियाही, ये होंठों का उजाला
[01:11.47] ये आँखों की सियाही, ये होंठों का उजाला
[01:16.25] ये ही हैं मेरे दिन–रात,
[01:19.97] मैं कैसे कहूँ जानेमन..
[01:24.76] मैं कैसे कहूँ जानेमन,
[01:28.20] तेरा दिल सुने मेरी बात
[01:32.98] ये आँखों की सियाही, ये होंठों का उजाला
[01:37.77] ये ही हैं मेरे दिन–रात,
[01:41.49] मैं कैसे कहूँ जानेमन
[01:46.53] *~**~**~**~**~**~**~**~**~*
[02:26.37] काश तुझको पता हो, तेरे रूख–ए–रौशन से….
[02:35.41] काश तुझको पता हो, तेरे रूख–ए–रौशन से
[02:44.44] तारे खिले हैं, दीये जले हैं,
[02:49.49] दिल में मेरे कैसे कैसे
[02:54.00] *~**~**~**~Music~**~**~**~*
[02:59.06] काश तुझको पता हो, तेरे रूख–ए–रौशन से
[03:08.11] तारे खिले हैं, दीये जले हैं,
[03:12.89] दिल में मेरे कैसे कैसे
[03:17.14] महकने लगी हैं वहीं से मेरी रातें
[03:21.92] महकने लगी हैं वहीं से मेरी रातें
[03:29.62] जहाँ से हुआ तेरा साथ,
[03:30.69] मैं कैसे कहूँ जानेमन
[03:34.67] मैं कैसे कहूँ जानेमन,
[03:38.39] तेरा दिल सुने मेरी बात
[03:42.90] ये आँखों की सियाही, ये होंठों का उजाला
[03:47.69] ये ही हैं मेरे दिन–रात,
[03:51.41] मैं कैसे कहूँ जानेमन
[03:55.65] *~**~**~**~**~**~**~**~**~*
[04:45.07] पास तेरे आया था, मैं तो काँटों पे चलके…
[04:54.36] पास तेरे आया था, मैं तो काँटों पे चलके
[05:03.39] लेकिन यहाँ तो कदमों के नीचे
[05:07.91] फर्श बिछ गये गुल के
[05:12.42] *~**~**~**~Music~**~**~**~*
[05:17.47] पास तेरे आया था, मैं तो काँटों पे चलके
[05:26.79] लेकिन यहाँ तो, कदमों के नीचे,
[05:31.03] फर्श बिछ गये गुल के
[05:35.28] के अब ज़िन्दगानी, है फसलें बहाराँ
[05:40.07] के अब ज़िन्दगानी, है फसलें बहाराँ
[05:44.31] जो हाथों में रहे तेरा हाथ,
[05:48.30] मैं कैसे कहूँ जानेमन..
[05:53.08] मैं कैसे कहूँ जानेमन,
[05:56.55] तेरा दिल सुने मेरी बात
[06:01.33] ये आँखों की सियाही, ये होंठों का उजाला
[06:06.11] ये आँखों की सियाही, ये होंठों का उजाला
[06:10.89] ये ही हैं मेरे दिन–रात..
[06:15.67] ये ही हैं मेरे दिन–रात….
[06:20.45] मैं कैसे कहूँ जानेमन…..
[06:27.62] ~**~*मजरूह सुल्तानपुरी*~**~
