Tu Hai Kahan
[00:11.08] कि जब मैं हद से आगे बढ़ गया था आशिकी में
[00:13.48] यानी ज़िंदगी को ले रहा मज़ाक ही में
[00:16.40] फिर मज़ाक ही में मिल गया सब ख़ाक ही में
[00:19.07] छू कर आया मंज़िलें तो तन्हा था मैं वापसी में
[00:22.26] जैसे फूल तोड़े होंगे तुमने झोली भर के
[00:25.18] मैं वोह फूल जो के रह गया था शाख ही में
[00:27.84] जैसे ख़्वाब ही मैं ख़्वाबगाह आंख ही में
[00:30.49] पल से पल में क्या हुआ तुम रह गए बस याद ही में
[00:33.68] एक सवाल मचलता है मेरे दिल में कभी
[00:36.61] तुझे मैं भूल जाऊँ या तुझे मैं याद करूँ
[00:39.26] तुझी को सोच के लिखता हूँ जो भी लिखता हूँ
[00:41.92] अब लिख रहा हूँ तो फिर क्यों ना एक सवाल करूँ
[00:45.10] मैं इस सवाल से ग़म को बदल दूँ खुशियों में
[00:48.04] पर इन बेजान सी खुशियों से क्या कमाल करूँ
[00:50.67] पर अब सवाल भी कमाल तू संभाल ले फिल्हाल
[00:53.60] यह सवाल बिछा जाल क्या मैं चाल चलूँ
[00:56.25] चाल चल तू अपनी मैं तुझे पहचान लूँगा
[00:59.46] मैं अपनी महफिलों में सिर्फ तेरा ही नाम लूँगा
[01:02.12] तुझे पसंद है धीमा लहज़ा और बस ख़ामोशियां
[01:05.04] मैं तेरे ख़ातिर अपनी ख़ुद की साँसें थम लूँगा
[01:07.70] क्या तेरे सारे आंसू मेरे हो सकते हैं
[01:10.37] ऐसा है तो तेरे ख़ातिर हम भी रो सकते हैं
[01:13.29] मेरे ख़ातिर मेरे रोने पर अब तुम बस हंस देना
[01:15.96] एक बार तेरे मुस्कुराहट के पीछे हम सब कुछ खो सकते हैं
[01:19.41] क्या मेरी मोहब्बतों का कोई हिसाब नहीं है
[01:22.07] क्यों तेरे आँखों में मेरे लिए कोई ख्वाब नहीं है
[01:25.00] तुझे क्या ही करूँ, ग़मज़ादा अब जाने दे
[01:27.92] के तेरे पास मेरे प्यार का जवाब नहीं है
[01:30.83] कितनी मुद्दतें हुई हैं, तुमने खत क्यों नहीं भेजा
[01:33.77] गा लेता हूँ तेरे लिए, मौसिक़ी नहीं है पेशा
[01:36.68] आने की खबर ही नहीं, तेरे अब
[01:39.33] अब क्या मौसमों से पूछूँ, तेरे आने ला अंदेशा
[01:42.26] आँखों में आंसू नहीं है
[01:45.45] कहाँ है तू, कहाँ तू नहीं है
[01:48.10] दिल को ये अब जानना ही नहीं
[01:51.81] बस तू चले आओ
[01:54.22] तू है कहाँ
[01:56.60] ख्वाबों के इस शहर में
[01:57.93] मेरा दिल तुझे ढूंढता
[01:59.27] ढूंढता अर्सा हुआ
[02:07.77] तुझको देखा नहीं, तू ना जाने कहाँ छुप गया
[02:18.12] छुप गया, आओ फिर से हम चले
[02:18.93] थाम लो ये हाथ, कर दो कम ये फासले
[02:20.77] ना पता हो मंज़िलों का, ना हो रस्ते
[02:23.44] तू हो, मैं हूँ, बैठे दोनों फिर हम, तारों के तले
[02:27.68] ना सुबह हो फिर, ना ही दिन ढले
[02:30.63] कुछ ना कह सके, कुछ ना सुन सके
[02:33.54] बातें सारी वह दिल में ही रहे
[02:36.19] तुम को क्या पता है, क्या हो तुम मेरे लिए
[02:39.13] कहकशा हो तुम, कहानियों की परियों की
[02:41.79] तरह हो तुम
[02:43.67] मुझमें आ सके ना कोई इस तरह हो तुम
[02:46.32] हो यकीन तुम मेरा या फिर गुमान हो तुम
[02:50.31] आशियान हो तुम, मैं भटका सा मुसाफिर
[02:54.02] और मकान हो तुम
[02:55.36] मेरी मंज़िलों का एक ही रास्ता हो तुम
[02:57.74] ढूँढता है दिल तुझे, बता कहाँ हो तुम,
[03:01.73] हो जहाँ कहीं भी आओ पास ताकि
[03:03.59] आंसू मेरे थम सकें
[03:06.50] याद आ रहे हो तुम मुझे अब हर लम्हे
[03:09.45] ऐसी जिन्दगी का क्या जो तुम जिन्दगी में होके
[03:12.11] मेरी जिन्दगी ना बन सके
[03:15.06] सोचता रहूँ या भूल जाऊँ अब तुम्हें
[03:16.66] तुम मिल ही ना सकोगी तो
[03:19.85] फिर कैसे चाहूँ अब तुम्हें
[03:20.91] तेरे सारे ख्वाब पल में जोड़ देंगे
[03:22.77] जिसमें तू ही ना बसेगा फिर वह दिल ही तोड़ देंगे
[03:24.91] छोड़ देंगे वह शहर के जिसमें तुम ना होगे
[03:27.82] तूट जाएंगे मकान वह सारे हसरतों के
[03:30.76] गुज़रे पल जो साथ तेरे वह पल है बस सुकून के
[03:33.70] मिल लो अब तुम इस तरह के फिर नहीं मिलोगे
[03:36.62] तू ही था साथ में मेरे कैसे मैं जीयूँगा अकेले
[03:42.46] तारे गिन-गिन के हो गई है सुबह
[03:47.51] तू है कहाँ
[03:50.69] ख्वाबों के इस शहर में
[03:53.62] मेरा दिल तुझे ढूंढता
[03:56.01] ढूंढता
[03:58.93] अरसा हुआ तुझको देखा नहीं
[04:02.13] तू ना जाने कहाँ छुप गया
[04:07.70] छुप गया
