Agar khi hai surge to utar
[00:07.47] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[00:11.45] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[00:15.45] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[00:20.50] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[00:29.00] ये ग़म के और चार दिन, सितम के और चार दिन,
[00:32.72] ये दिन भी जाएंगे गुज़र, गुज़र गए हज़ार दिन,
[00:36.71] ये ग़म के और चार दिन, सितम के और चार दिन,
[00:40.42] ये दिन भी जाएंगे गुज़र, गुज़र गए हज़ार दिन,
[00:44.67] कभी तो होगी इस चमन पर भी बहार की नज़र!
[00:48.65] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[00:52.37] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[00:55.83] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[01:05.93] ♪
[01:06.72] सुबह औ' शाम के रंगे हुए गगन को चूमकर,
[01:09.38] तू सुन ज़मीन गा रही है कब से झूम-झूमकर,
[01:13.89] तू आ मेरा सिंगार कर, तू आ मुझे हसीन कर!
[01:21.07] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[01:25.57] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[01:32.76] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[01:42.31] हज़ार भेष धर के आई मौत तेरे द्वार पर,
[01:46.30] मगर तुझे न छल सकी चली गई वो हार कर,
[01:57.73] नई सुबह के संग सदा तुझे मिली नई उमर,
[02:02.00] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[02:05.98] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[02:09.70] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[02:19.27] हमारे कारवां का मंज़िलों को इन्तज़ार है,
[02:23.51] यह आंधियों, ये बिजलियों की, पीठ पर सवार है,
[02:34.47] जिधर पड़ेंगे ये क़दम बनेगी एक नई डगर,
[02:37.15] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[02:44.59] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[02:46.18] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[02:56.03] ज़मीं के पेट में पली अगन, पले हैं ज़लज़ले,
[02:59.75] टिके न टिक सकेंगे भूख रोग के स्वराज ये,
[03:03.73] मुसीबतों के सर कुचल, बढ़ेंगे एक साथ हम,
[03:15.16] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[03:19.40] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[03:24.18] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[03:32.69] बुरी है आग पेट की, बुरे हैं दिल के दाग़ ये,
[03:36.94] न दब सकेंगे, एक दिन बनेंगे इन्क़लाब ये,
[03:48.36] गिरेंगे जुल्म के महल, बनेंगे फिर नवीन घर!
[03:52.60] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
[03:56.06] तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर,
[03:59.78] अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!
