Kahan tak ye mann ko
[00:14.54] कहाँ तक ये मन को अंधेरे छलेंगे
[00:23.04] उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे
[00:36.59] कहाँ तक ये मन को अंधेरे छलेंगे
[00:43.23] उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे
[01:00.49] कभी सुख कभी दुख, यही ज़िंदगी हैं
[01:07.93] ये पतझड़ का मौसम घड़ी दो घड़ी हैं
[01:15.10] ये पतझड़ का मौसम घड़ी दो घड़ी हैं
[01:22.01] नये फूल कल फिर डगर में खिलेंगे
[01:29.18] उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे
[01:56.01] भले तेज कितना, हवा का हो झोंका
[02:03.18] मगर अपने मन में तू रख ये भरोसा
[02:10.62] मगर अपने मन में तू रख ये भरोसा
[02:17.53] जो बिछड़े सफ़र में तुझे फिर मिलेंगे
[02:24.70] उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे
[02:49.93] कहे कोई कुछ भी, मगर सच यही है
[02:57.10] लहर प्यार की जो कहीं उठ रही है
[03:04.54] लहर प्यार की जो कहीं उठ रही है
[03:10.92] उसे एक दिन तो किनारे मिलेंगे
[03:18.10] उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे
[03:32.45] कहाँ तक ये मन को अंधेरे छलेंगे
[03:39.89] उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे
