Ishq Mein Hum Tumhein Kya Batayen - Sonu Nigam
[00:05.63] इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएँ
[00:13.60] किस क़दर चोट खाए हुए हैं
[00:36.45] इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएँ
[00:40.96] इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएँ
[00:45.48] किस क़दर चोट खाए हुए हैं
[00:50.26] इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएँ
[00:54.77] किस क़दर चोट खाए हुए हैं
[00:59.29] मौत ने हमको, हाँ, मौत ने हमको
[01:04.07] मौत ने हमको मारा है और हम
[01:08.59] ज़िंदगी के सताए हुए हैं
[01:12.85] मौत ने हमको मारा है और हम
[01:17.68] ज़िंदगी के सताए हुए हैं
[01:21.93] इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएँ
[01:35.77] ऐ लहद, अपनी मिट्टी से कह दे
[01:40.29] दाग़ लगने ना पाए कफ़न को
[01:49.59] ऐ लहद, अपनी मिट्टी से कह दे
[01:53.84] दाग़ लगने ना पाए कफ़न को
[01:58.62] आज ही हमने, हो, आज ही हमने
[02:03.13] आज ही हमने बदले हैं कपड़े
[02:07.92] आज ही हम नहाए हुए हैं
[02:12.20] आज ही हमने बदले हैं कपड़े
[02:16.98] आज ही हम नहाए हुए हैं
[02:21.49] इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएँ
[02:34.77] सुर्ख़ आँखों में काजल लगा है
[02:39.82] रुख़ पे गाज़ा सजाए हुए हैं
[02:49.38] सुर्ख़ आँखों में काजल लगा है
[02:53.37] रुख़ पे गाज़ा सजाए हुए हैं
[02:57.88] ऐसे आए हैं, हो, ऐसे आए हैं
[03:02.40] ऐसे आए हैं मय्यत पे मेरी
[03:07.18] जैसे शादी में आए हुए हैं
[03:11.43] ऐसे आए हैं मय्यत पे मेरी
[03:15.96] जैसे शादी में आए हुए हैं
[03:21.01] इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएँ
[03:34.02] दुश्मनों की शिकायत हमेशा
[03:39.87] दोस्तों से गिला क्या करेंगे
[03:48.10] दुश्मनों की शिकायत हमेशा
[03:52.37] दोस्तों से गिला क्या करेंगे
[03:56.88] कट चुके जिन, हाँ, कट चुके जिन
[04:01.40] कट चुके जिन दरख़्तों के पत्ते
[04:06.21] फिर कहाँ उनके साए हुए हैं
[04:10.46] कट चुके जिन दरख़्तों के पत्ते
[04:15.24] फिर कहाँ उनके साए हुए हैं
