Jayostute
[00:10.26] जयोऽस्तु ते
[00:20.89] जयोऽस्तु ते! जयोऽस्तु ते!
[00:24.87] श्री महन्मंगले शिवास्पदे शुभदे
[00:31.25] स्वतंत्रते भगवती त्वामहम् यशोयुतां वंदे!
[01:20.17] राष्ट्राचें चैतन्य मूर्त तूं नीती संपदांची
[01:27.34] स्वतन्त्रते भगवती श्रीमती राज्ञी तूं त्यांची
[01:44.34] परवशतेच्या नभांत तूंचि आकाशीं होशी
[01:51.78] स्वतन्त्रते भगवती चांदणी चमचम-लखलखशी
[02:50.21] गालावरच्या कुसुमीं किंवा कुसुमांच्या गालीं
[03:03.23] स्वतन्त्रते भगवती तूंच जी विलसतसे लाली
[03:21.82] तुं सूर्याचें तेज उदधिचें गांभीर्यहिं तूंचि
[03:27.93] स्वतन्त्रते भगवती अन्यथा ग्रहणनष्टतेची
[04:21.85] मोक्ष-मुक्ति हीं तुझींच रूपें तुलाच वेदांतीं
[04:36.73] स्वतन्त्रते भगवती योगिजन परब्रह्म वदती
[04:44.96] जें जें उत्तम उदात्त उन्नत महन्मधुर तें तें
[04:51.87] स्वतन्त्रते भगवती सर्व तव सहकारी होती
[05:28.79] हे अधमरक्तरञ्जिते सुजनपूजिते श्री स्वतन्त्रते
[05:45.79] तुजसाठि मरण तें जनन
[05:59.07] तुजवीण जनन तें मरण
[06:02.79] तुज सकल-चराचर-शरण चराचर-शरण
[06:17.93] -विनायक दामोदर सावरकर
