संकटमोचन हनुमान अष्टक
[00:06.35] बाल समय रवि भक्ष लियो तब,
[00:10.34] तीनहुं लोक भयो अंधियारों।
[00:14.59] ताहि सों त्रास भयो जग को,
[00:18.84] यह संकट काहु सों जात न टारो।
[00:23.09] देवन आनि करी बिनती तब,
[00:27.34] छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।
[00:31.59] को नहीं जानत है जग में कपि,
[00:39.03] संकटमोचन नाम तिहारो।
[00:54.17] बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,
[00:58.15] जात महाप्रभु पंथ निहारो।
[01:02.40] चौंकि महामुनि साप दियो तब,
[01:06.38] चाहिए कौन बिचार बिचारो।
[01:10.90] कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
[01:14.88] सो तुम दास के सोक निवारो।
[01:19.40] को नहीं जानत है जग में कपि,
[01:23.38] संकटमोचन नाम तिहारो।
[01:36.40] अंगद के संग लेन गए सिय,
[01:40.39] खोज कपीस यह बैन उचारो।
[01:44.64] जीवत ना बचिहौ हम सो जु,
[01:48.35] बिना सुधि लाये इहां पगु धारो।
[01:52.87] हेरी थके तट सिन्धु सबे तब,
[01:56.86] लाए सिया-सुधि प्राण उबारो।
[02:01.90] को नहीं जानत है जग में कपि,
[02:09.34] संकटमोचन नाम तिहारो।
[02:23.68] रावण त्रास दई सिय को सब,
[02:27.67] राक्षसी सों कही सोक निवारो।
[02:31.65] ताहि समय हनुमान महाप्रभु,
[02:36.17] जाए महा रजनीचर मरो।
[02:40.15] चाहत सीय असोक सों आगि सु,
[02:44.14] दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो।
[02:48.38] को नहीं जानत है जग में कपि,
[02:52.64] संकटमोचन नाम तिहारो।
[03:05.12] बान लाग्यो उर लछिमन के तब,
[03:09.37] प्राण तजे सूत रावन मारो।
[03:13.35] लै गृह बैद्य सुषेन समेत,
[03:17.34] तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो।
[03:21.86] आनि सजीवन हाथ दिए तब,
[03:25.57] लछिमन के तुम प्रान उबारो।
[03:30.36] को नहीं जानत है जग में कपि,
[03:38.85] संकटमोचन नाम तिहारो।
[03:52.40] रावन जुध अजान कियो तब,
[03:56.92] नाग कि फांस सबै सिर डारो।
[04:00.64] श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,
[04:04.88] मोह भयो यह संकट भारो।
[04:08.87] आनि खगेस तबै हनुमान जु,
[04:12.85] बंधन काटि सुत्रास निवारो।
[04:16.84] को नहीं जानत है जग में कपि,
[04:21.09] संकटमोचन नाम तिहारो।
[04:33.57] बंधू समेत जबै अहिरावन,
[04:37.56] लै रघुनाथ पताल सिधारो।
[04:41.54] देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि,
[04:45.79] देउ सबै मिलि मंत्र विचारो।
[04:49.78] जाये सहाए भयो तब ही,
[04:53.23] अहिरावन सैन्य समेत संहारो।
[04:58.01] को नहीं जानत है जग में कपि,
[05:01.99] संकटमोचन नाम तिहारो।
[05:14.75] काज किए बड़ देवन के तुम,
[05:18.46] बीर महाप्रभु देखि बिचारो।
[05:22.71] कौन सो संकट मोर गरीब को,
[05:26.70] जो तुमसे नहिं जात है टारो।
[05:30.95] बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,
[05:34.93] जो कछु संकट होए हमारो।
[05:39.71] को नहीं जानत है जग में कपि,
[05:48.74] संकटमोचन नाम तिहारो।
