Bajarang baanबजरंग बाण
[00:10.96] ॐ ॐ ॐ ॐ
[00:21.32] निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान
[00:31.95] तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान
[00:42.04] जय हनुमंत संत हितकार,
[00:46.56] सुन लीजै प्रभु अरज हमारी
[00:52.13] जन के काज बिलंब न कीजै,
[00:57.45] आतुर दौरि महा सुख दीजै
[01:03.02] जैसे कूदि सिंधु महिपारा,
[01:08.07] सुरसा बदन पैठि बिस्तारा
[01:13.38] आगे जाय लंकिनी रोका,
[01:18.96] मारेहु लात गई सुरलोका
[01:24.27] जाय विभीषन को सुख दीन्हा,
[01:29.59] सीता निरखि परमपद लीन्हा
[01:36.23] बाग उजारि सिंधु महँ बोरा,
[01:41.54] अति आतुर जमकातर तोरा
[01:46.85] अक्षय कुमार मारि संहारा,
[01:52.16] लूम लपेटि लंक को जारा
[01:57.48] लाह समान लंक जरि गई,
[02:00.13] जय-जय धुनि सुरपुर नभ भई
[02:02.79] अब बिलंब केहि कारन स्वामी,
[02:05.45] कृपा करहु उर अंतरयामी
[02:08.10] जय-जय लखन प्रान के दाता,
[02:10.76] आतुर ह्वै दुख करहु निपाता
[02:13.41] जय हनुमान जयति बल-सागर,
[02:16.07] सुर-समूह-समरथ भट-नागर
[02:18.73] ॐ हनु-हनु-हनु हनुमंत हठीले,
[02:26.16] बैरिहि मारु बज्र की कीले
[02:32.27] ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा,
[02:37.06] ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर सीसा
[02:42.90] जय अंजनि कुमार बलवंता,
[02:48.21] शंकरसुवन वीर हनुमंता
[02:53.26] बदन कराल काल-कुल-घालक,
[02:56.18] राम सहाय सदा प्रतिपालक
[02:58.84] भूत, प्रेत, पिसाच निसाच,
[03:01.49] अगिन बेताल काल मारी मर
[03:04.15] इन्हें मारु, तोहि सपथ राम की,
[03:06.81] राखु नाथ मरजाद नाम की
[03:09.46] सत्य होहु हरि सपथ पाइ कै,
[03:12.12] राम दूत धरु मारु धाइ कै
[03:14.78] जय-जय-जय हनुमंत अगाधा,
[03:17.43] दुख पावत जन केहि अपराधा
[03:20.09] पूजा जप तप नेम अचारा,
[03:22.74] नहिं जानत कछु दास तुम्हारा
[03:25.66] बन उपबन मग गिरि गृह माहीं,
[03:28.05] तुम्हरे बल हौं डरपत नाहीं
[03:30.71] जनकसुता हरि दास कहावौ,
[03:33.37] ताकी सपथ बिलंब न लावौ
[03:36.02] जै जै जै धुनि होत अकासा,
[03:38.68] सुमिरत होय दुसह दुख नासा
[03:41.34] चरन पकरि, कर जोरि मनावौं,
[03:43.99] यहि अवसर अब केहि गोहरावौं
[03:48.25] उठु, उठु, चलु,
[03:51.43] तोहि राम दुहाई, पायँ परौं,
[03:56.74] कर जोरि मनाई
[04:01.26] ॐ चं चं चं चं चपल चलंता,
[04:08.17] ॐ हनु हनु हनु हनु हनु हनुमंता
[04:13.48] ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल,
[04:18.79] ॐ सं सं सहमि पराने खल-दल
[04:21.45] अपने जन को तुरत उबारौ,
[04:24.10] सुमिरत होय आनंद हमारौ
[04:26.76] यह बजरंग-बाण जेहि मारै,
[04:29.37] ताहि कहौ फिरि कवन उबारै
[04:32.03] पाठ करै बजरंग-बाण की,
[04:34.69] हनुमत रक्षा करै प्रान की
[04:37.34] यह बजरंग बाण जो जापैं,
[04:40.00] तासों भूत-प्रेत सब कापैं
[04:42.65] धूप देय जो जपै हमेसा,
[04:45.35] ताके तन नहिं रहै कलेसा
[04:59.65] उर प्रतीति दृढ़, सरन ह्वै, पाठ करै धरि ध्यान
[05:09.22] बाधा सब हर, करैं सब काम सफल हनुमान
