Annapurna strotram
[00:49.95] नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्य रत्नाकरी
[00:57.67] निर्धूताखिल घोर पावनकरी प्रत्यक्ष माहेश्वरी ।
[01:05.22] प्रालेयाचल वंश पावनकरी काशीपुराधीश्वरी
[01:13.17] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 1 ॥
[01:21.68] नाना रत्न विचित्र भूषणकरि हेमाम्बराडम्बरी
[01:28.45] मुक्ताहार विलम्बमान विलसत्-वक्षोज कुम्भान्तरी ।
[01:36.69] काश्मीरागरु वासिता रुचिकरी काशीपुराधीश्वरी
[01:44.19] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 2 ॥
[01:52.18] योगानन्दकरी रिपुक्षयकरी धर्मैक्य निष्ठाकरी
[01:59.43] चन्द्रार्कानल भासमान लहरी त्रैलोक्य रक्षाकरी ।
[02:07.19] सर्वैश्वर्यकरी तपः फलकरी काशीपुराधीश्वरी
[02:12.45] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 3 ॥
[02:54.19] कैलासाचल कन्दरालयकरी गौरी-ह्युमाशाङ्करी
[03:01.43] कौमारी निगमार्थ-गोचरकरी-ह्योङ्कार-बीजाक्षरी ।
[03:09.43] मोक्षद्वार-कवाटपाटनकरी काशीपुराधीश्वरी
[03:16.99] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 4 ॥
[03:24.93] दृश्यादृश्य-विभूति-वाहनकरी ब्रह्माण्ड-भाण्डोदरी
[03:32.69] लीला-नाटक-सूत्र-खेलनकरी विज्ञान-दीपाङ्कुरी ।
[03:40.43] श्रीविश्वेशमनः-प्रसादनकरी काशीपुराधीश्वरी
[03:47.93] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 5 ॥
[03:56.19] उर्वीसर्वजयेश्वरी जयकरी माता कृपासागरी
[04:04.45] वेणी-नीलसमान-कुन्तलधरी नित्यान्न-दानेश्वरी ।
[04:11.41] साक्षान्मोक्षकरी सदा शुभकरी काशीपुराधीश्वरी
[04:18.93] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 6 ॥
[04:51.10] आदिक्षान्त-समस्तवर्णनकरी शम्भोस्त्रिभावाकरी
[04:57.85] काश्मीरा त्रिपुरेश्वरी त्रिनयनि विश्वेश्वरी शर्वरी ।
[05:05.60] स्वर्गद्वार-कपाट-पाटनकरी काशीपुराधीश्वरी
[05:13.09] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 7 ॥
[05:21.09] देवी सर्वविचित्र-रत्नरुचिता दाक्षायिणी सुन्दरी
[05:28.60] वामा-स्वादुपयोधरा प्रियकरी सौभाग्यमाहेश्वरी ।
[05:36.35] भक्ताभीष्टकरी सदा शुभकरी काशीपुराधीश्वरी
[05:43.87] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 8 ॥
[05:52.10] चन्द्रार्कानल-कोटिकोटि-सदृशी चन्द्रांशु-बिम्बाधरी
[05:59.59] चन्द्रार्काग्नि-समान-कुण्डल-धरी चन्द्रार्क-वर्णेश्वरी
[06:07.37] माला-पुस्तक-पाशसाङ्कुशधरी काशीपुराधीश्वरी
[06:16.64] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 9 ॥
[06:23.60] क्षत्रत्राणकरी महाभयकरी माता कृपासागरी
[06:30.60] सर्वानन्दकरी सदा शिवकरी विश्वेश्वरी श्रीधरी ।
[06:38.10] दक्षाक्रन्दकरी निरामयकरी काशीपुराधीश्वरी
[07:03.84] भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ 10 ॥
[07:13.86] अन्नपूर्णे सादापूर्णे शङ्कर-प्राणवल्लभे ।
[07:21.60] ज्ञान-वैराग्य-सिद्धयर्थं बिक्बिं देहि च पार्वती ॥ 11 ॥
[07:34.11] माता च पार्वतीदेवी पितादेवो महेश्वरः ।
[07:44.37] बान्धवा: शिवभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम् ॥ 12 ॥
[00:00.00] सर्व-मङ्गल-माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ-साधिके ।
[00:00.00] शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोஉस्तु ते ॥ 13 ॥
