Shiv Tandav Stotram (EPIC Version)
[00:26.11] जठाटविगलज्जल प्रवाहपावितस्थले
[00:29.23] गलेवलाम्ब्य लम्बिताम् भुजंगतुंगमाऽलिकाम्
[00:32.70] डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
[00:35.48] चकार छण्ड ताण्डवम् तनोऽतु नः शिवः शिवम्
[00:45.56] जटा काट हसंभ्रम भ्रमनीलिम्पनिर्झरी
[00:48.66] विलोलविचिवल्लरी विराजमाऽनमूर्धनि
[00:51.76] धगद्धगद्धगज्ज्व ललाट पट्टतपावके
[00:55.03] किशोरचन्द्रशेखरे रति: प्रतिक्षणं ममः
[01:05.35] धराधरेंद्रनंदिनी विलासबंधुबन्धुरस
[01:07.43] स्फुरादिगन्तसंतति प्रमोदमानमांसे
[01:10.81] कृपाकठाक्षधोरणी निरुधधुर्धरापदि
[01:13.78] क्वचिदिगंबरें मनोविदमेदुवस्तुनि
[01:23.39] जटा भुजंगपिंगल्स स्फुरतफणामणिप्रभा
[01:26.84] कदमबकुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्वधुमुखे
[01:29.83] मदन्धसिन्धुरस्फुरत्वगुतरीयमेदुरे
[01:33.13] मनोविनोदमद्भुतं विभर्तु भूतभर्तरि
[01:57.56] सहस्त्रलोचना प्रभृत्य शेषलेख्शेखरे
[02:00.24] प्रसून धूलिधोरणि विधुसारंघ्रिपीठभुः
[02:03.58] भुजण्गराजमालय निबद्धजातजुटका
[02:07.01] श्रीयेचिराय जाटतां चकोर बन्धुशेखरः
[02:16.56] ललाट चत्वरज्वलद् धनञ्जयस्फुलिङ्गभा
[02:19.83] निपीटपञ्चसायकम् नमन्निलिमपनायकम्
[02:22.74] सुधा मयूखलेखय विराजमानशेखरम्
[02:26.09] महाकपालिसम्पदे शिरोज टालमस्तु नः ||६||
[02:36.04] कराल भाल पट्टिका धगद् धगद् धगज्ज्वल
[02:38.63] धनञ्जय हृतिकृत प्रछण्डपञ्चसायके
[02:42.04] धरद्धरेन्द्र नन्दिनी कुचाग्रचित्रपात्रका
[02:44.91] प्रकल्प नैक शिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम |||७||
[02:54.92] नवीन मेघ मण्डली निरुद् धदुर् धरस्फुरत
[02:57.73] कुहु निशित्तिनीतमः प्रबन्धबद्धकान्धरा
[03:01.36] निलिम्पनिर्झरी धरास्तनोऽतु कृत्तिसिन्धुराः
[03:04.60] कला निधान बन्धुरः श्रियं जगद् धुरंधरः ||८||
[03:14.30] प्रफुल्ल नीलपङ्कज प्रपञ्च कालिम प्रभा
[03:17.35] वलम्बि कण्ठकन्दली रुचिप्रबद्ध कन्धरम् |
[03:20.58] स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं
[03:23.78] गजच्छि दांध कच्छिदं तमंत कच्छिदं भजे ||९||
[03:33.35] अखर्व सर्व मङ्गला कला कदंब मञ्जरी
[03:36.25] रस प्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम् |
[03:39.61] स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं
[03:42.76] गजान्त कान्ध कान्त कं तमन्त कान्त कं भजे ||१०||
[04:11.50] जयत् वदभ्र विभ्रम भ्रमद् भुजङ्ग मश्वस
[04:14.90] द्विनिर्ग मत् क्रमस्फुरत् कराल भाल हव्यवाट् |
[04:18.14] धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदङ्गतुङ्गमङ्गल
[04:21.15] ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्डताण्डवः शिवः ||११||
[04:31.19] स्पृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजङ्गमौक्तिकस्रजोर्
[04:33.95] गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः |
[04:37.25] तृष्णारविन्दचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः
[04:40.37] समप्रवृत्तिकः ( समं प्रवर्तयन्मनः) कदा सदाशिवं भजे ||१२||
[04:50.30] कदा निलिम्पनिर्झरीनिकुञ्जकोटरे वसन्
[04:53.60] विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरः स्थमञ्जलिं वहन् |
[04:56.59] विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः
[04:59.57] शिवेति मंत्रमुच्चरन् कदा सुखी भवाम्यहम् ||१३||
[05:09.51] इदम् हि नित्यमेवमुक्तमुत्तमोत्तमं स्तव
[05:12.43] पठन्स्मरन्ब्रुवन्नरो विशुद्धिमेतिसंततम् |
[05:15.76] हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथा गतिं
[05:18.92] विमोहनं हि देहिनां सुशङ्करस्य चिंतनम् ||१४||
[05:28.59] पूजा वसान समये दशवक्त्र गीतं
[05:40.69] यः शंभु पूजन परं पठति प्रदोषे |
[05:51.79] तस्य स्थिरां रथगजेन्द्र तुरङ्ग युक्तां
[06:03.43] लक्ष्मीं सदैव सुमुखिं प्रददाति शंभुः ||१५||
